एम्स में सभी 30 डिपार्टमेंट की अपनी ओटी

एम्स में अब मरीजों को ऑपरेशन कराने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एम्स में संचालित ३० विभागों के लिए ऑपरेशन थिएटर एलॉट कर दिए गए हैं।

रायपुर. राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे सुविधाओं का भी दिन-प्रतिदिन विस्तार किया जा रहा है। एम्स में अब मरीजों को ऑपरेशन कराने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एम्स में संचालित ३० विभागों के लिए ऑपरेशन थिएटर एलॉट कर दिए गए हैं। एम्स अधीक्षक ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वह अपने-अपने एलॉट किए गए ऑपरेशन थिएटर में ही ऑपरेशन करें। एम्स के एक डॉक्टर ने बताया कि विगत ६ माह पहले तक ओटी की संख्या काफी कम थी, जिससे मरीजों का ऑपरेशन कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। एक ओटी से दो-दो, तीन-तीन विभागों का काम चलता था। सप्ताह में मुश्किल से एक या दो ऑपरेशन के लिए ओटी मिल पाती थी। फिलहाल एम्स में प्रस्तावित २७ मेजर व ३ माइनर ओटी फंशनल होने से यह समस्या दूर हो गई है।

हर माह १५०० से ज्यादा ऑपरेशन

एम्स में हर माह 15०० से ज्यादा ऑपरेशन हो रहे हैं। गायनिक, न्यूरो सर्जरी, कैंसर, हेड इंजरी, ब्रेन हैमरेज, ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन ट्यूमर क्लोरोसिस, यूरो सर्जरी तथा ईएनटी में सबसे अधिक ऑपरेशन होता है। एम्स में छत्तीसगढ़ समेत मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश से मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। एम्स में ओपीडी 35०० पहुंच गई है। इसमें से बहुत से गंभीर मरीज होते हैं, जिन्हें ऑपरेशन की जरूतर पड़ती है। दूसरे अस्पतालों से मरीज रेफर होकर आते हैं।


२7 मेजर व 3 माइनर ओटी पूरी तरह से संचालित हो गया है। सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि एलॉट किए गए ओटी में ही ऑपरेशन करें। सभी डिपार्टमेंट में वार्ड की भी व्यवस्था कर दी गई है।

डॉ. करन पीपरे, अधीक्षक, एम्स, रायपुर

abhishek rai Reporting
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