Analysis News: छत्तीसगढ़ में बाघों ने वन विभाग को किया परेशान, ये है बड़ी वजह

Chandu Nirmalkar

Publish: Jan, 13 2018 04:54:55 PM (IST)

Raipur, Chhattisgarh, India
Analysis News: छत्तीसगढ़ में बाघों ने वन विभाग को किया परेशान, ये है बड़ी वजह

46 बाघों का विभाग का दावा, डेढ़ माह में मिले सिर्फ 10

राकेश टेंभुरकर@ रायपुर . छत्तीसगढ़ के पांच बाघ अभयारण्यों में वन विभाग को डेढ़ माह की कड़ी मशक्कत के बाद भी मात्र १० बाघ ही मिले हैं। यह काम दिसम्बर से शुरू हुआ है। वन विभाग ने फरवरी के अंत तक प्रथम चरण की गणना पूरी करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अब तक केवल 10 बाघों की गिनती ने वन विभाग को परेशानी में डाल दिया है।
2014 की गणना रिपोर्ट में प्रदेश के जंगलों में ४६ बाघों का दावा किया गया था। यदि गणना में यह संख्या पूरी नहीं हुई तो विभाग को जवाब देना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि अप्रैल में पहले चरण की गणना को पुष्ट करने के बाद नवम्बर 2018 तक इसका विस्तृत डाटा भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून को इसे भेजा जाएगा। यह गणना राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण (एनटीसीए) के निर्देश पर देशभर में एक साथ की जा रही है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि टीम इस समय गणना करने में जुटी हुई है। प्रशिक्षण में विलंब के कारण इसके गणना का काम प्रभावित हुआ है। एेसी गणना प्रत्येक चार वर्ष में एक बार होती है।

यहां हुई बाघों की तलाश : गरियाबंद स्थित उदंती-सीतानदी, बिलासपुर के अचानकमार और बीजापुर स्थित इंद्रावती बाघ अभयारण्य में दिसम्बर 2014 से गणना शुरू की गई थी। इसमें सीतानदी अभयारण्य में 2, अचानकमार में 7 और इंद्रावती में 1 बाघ देखा गया है। बताया जाता है कि कैमरे में मिले फुटेज, उसके पंजों के निशान का मिलान, निवासस्थल का चिह्नांकन, मल, मृत वन्यप्राणियों के अवशेष और स्थानीय लोगों की जानकारी के आधार पर इसकी पहचान की जा रही है। भोरमदेव और गुरुघासीदास अभयारण्य में भी बाघों की गिनती की जानी है।

प्रदेश में बाघ के आंकड़े
वन विभाग के आंकड़ों को देखें तो राज्य में 2006 में गणना के मुताबिक 26 बाघ, 200 में भी 26 और 2014 की गणना के अनुसार 46 बाघ मिले थे। 2018 में गणना शुरू किए जाने के पहले जंगलों में 46 बाघ का दावा किया गया था। गौरतलब है कि सीतानदी के 1842.54 वर्ग किमी, अचानकमार के 914.017 वर्ग किमी और इंद्रावती के 2799.03 वर्गकिमी वन परिक्षेत्र को टाइगर रिजर्व के लिए सुरक्षित है।

गणना प्राथमिक चरण में
जंगलों में बाघों की गिनती इस समय प्राथमिक चरण में है, इसलिए वास्तविक संख्या बता पाना संभव नहीं है। पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
आरके सिंह, पीसीसीएफ

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