बैंकों की इ-कॉर्नर मशीन में खराबी न कैश डिपॉजिट न पासबुक प्रिंटिंग

मशीनों की सर्विस की जिम्मेदारी बैंकों ने निजी एजेंसी को दे दी है, लेकिन बिना शिकायत के यह समस्या दूर नहीं की जा रही है

By: Deepak Sahu

Published: 15 Nov 2018, 11:41 AM IST

रायपुर . राजधानी में बैंकों के एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन, पासबुक प्रिंटिंग मशीनों में खराबी की वजह से रोजाना सैकड़ों ग्राहकों को परेशान होना पड़ रहा है। जिले के बैंकों में रोजाना 45 से 50 हजार ग्राहकों द्वारा लेन-देन होता है।

मशीनों की सर्विस की जिम्मेदारी बैंकों ने निजी एजेंसी को दे दी है, लेकिन बिना शिकायत के यह समस्या दूर नहीं की जा रही है। शहर के जयस्तंभ चौक पर स्थित एसबीआई के सबसे बड़े ब्रांच में तो तीनों मशीनों एक साथ खराब पाई गई, वहीं मोतीबाग स्थित पीएनबी, पंडरी स्थित पीएनबी, तात्यापारा चौक स्थित बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि बैंकों में यह आलम है।

मशीनों के होने के बाद भी लोगों को इसका फायदा नहीं मिला पा रहा है। मजबूरन बैंकों में लाइन लगाकर खाते से रुपए निकालने, जमा करने पर पासबुक प्रिटिंग के लिए मैनुअल तरीके का सहारा लेना पड़ रहा है।

सुधरने का इंतजार
मशीनों में खराबी के बाद ग्राहक कई दिनों तक सुधरने का इंतजार करते रहते हैं। बैंक प्रबंधन का कहना है कि संबंधित कंपनियों के इंजीनियर ही खराबी दूर सकते हैं, जबकि बैंक प्रबंधन हमेशा त्वरित ग्राहक सेवा का वादा करते हैं।

फैक्ट फाइल
रायपुर जिले में
बैंक शाखाएं- 602
एटीएम- 450 से अधिक
रोजाना ग्राहक- 35-40 हजार
इन सरकारी बैंकों में अधिक अव्यवस्था


एसबीआइ
पीएनबी
सेंट्रल बैंक
बैंक ऑफ बड़ौदा
बैंक ऑफ इंडिया
यूनियन बैंक
कार्पोरेशन बैंक

पचपेड़ी नाका : बैंक ऑफ इंडिया
बैंक ऑफ इंडिया की पासबुक प्रिंटिंग मशीन आए दिन खराब रहती है। दुरुस्त होने पर भी कभी प्रिंट होता है तो कभी नहीं। पासबुक में बारकोड लगे होने के बाद भी मशीन लेन-देन को प्रिटिंग करने में विफल रही।

 

CGNews

सीन-2
तात्यापारा : बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा
तात्यापारा स्थित बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम और चेकबुक प्रिटिंग मशीन में खराबी मिली। यहां मजबूरन लोगों को बैंक के भीतर जाकर प्रिंटिंग मशीन के लिए निवेदन करना पड़ा।

सीन-3
जयस्तंभ चौक : एसबीआइ
जयस्तंभ चौक स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा में तो तीनों मशीन यानी एटीएम, कैश डिपॉजिट और पासबुक प्रिंटिंग मशीन ही बंद मिली। कैश डिपॉजिट मशीन में लिंक फेल हुआ लिखा मिला तो एटीएम में मशीन खराब है लिखकर बोर्ड चस्पा कर दिया गया था। बाहर से खूबसूरत दिखने वाले एसबीआई की इ-लॉबी की स्थिति खराब मिली।

सरकारी बैंकों की हालत ज्यादा खराब
निजी बैंकों के मुकाबले सरकारी बैंकों की स्थिति पर गौर करें तो सरकारी बैंकों के मशीनों में ज्यादा अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही है। इन बैंकों में शिकायत के बाद भी कार्यवाही की मंद गति है।

200 रुपए का नोट स्वीकार नहीं
कैश डिपॉजिट मशीनों में 200 रुपए का नोट स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इन मशीनों में अभी तक 200 रुपए के नोट का कैसेट्स नहीं बनाया जा सका है।

जयस्तंभ चौक एसबीआई के एजीएम संजय शुक्ला ने बताया कि मशीनों में खराबी दूर कर ली जाएगी। लिंक फेल होने या अन्य खराबी आने पर सूचना चस्पा कर दी जाती है।

Deepak Sahu
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