scriptBig relief to electricity consumers additional security fund is halved | घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत, बिजली बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि हुई आधी | Patrika News

घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत, बिजली बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि हुई आधी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) के निर्देश पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने घरेलू उपभोक्ताओं (CSPDCL) को अब अतिरिक्त सुरक्षा निधि में बड़ी राहत दी है।

रायपुर

Updated: November 18, 2021 10:43:20 am

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) के निर्देश पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने घरेलू उपभोक्ताओं को अब अतिरिक्त सुरक्षा निधि में बड़ी राहत दी है। उनके बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि को 50 प्रतिशत कम कर दिया गया है। घरेलू उपभोक्ता (Domestic Electricity Consumer) अब जारी की गई राशि से कम बिल जमा कर सकेंगे। जिन उपभोक्ताओं ने बिल जमा कर दिया है, उन्हें अगले महीने इसका लाभ देते हुए उनके द्वारा जमा की गई अतिरिक्त सुरक्षा निधि की 50 प्रतिशत राशि को बिजली बिल में समायोजित कर दी जाएगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 47 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचेगा।
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घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत, बिजली बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि हुई आधी
दफ्तर के नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर
वर्तमान में जारी बिल में किसी तरह के संशोधन की जरूरत नहीं होगी। बिल जमा करते समय अब अतिरिक्त सुरक्षा निधि आधी करके जमा किया जा सकेगा। उपभोक्ता को बिल सुधरवाने बिजली दफ्तर जाना नहीं पड़ेगा अपितु उपभोक्ता बिल में अंकित अतिरिक्त सुरक्षानिधि की राशि के 50 प्रतिशत की गणना स्वयं करके बिल राशि से घटाकर इसे जमा कर सकेंगे। यह सुविधा पॉवर कंपनी के सभी मैनुअली बिलिंग काऊंटर, एटीपी सेंटर और ऑनलाइन पेमेंट मोड पर उपलब्ध रहेगी।
दो साल की गणना एक साथ, इसलिए बिल अधिक
कोरोनाकाल में विगत वर्ष अतिरिक्त सुरक्षा निधि की गणना इस वर्ष के लिए बढ़ा दी गई थी, जिसके कारण इस वर्ष एक साथ दो वर्षों की गणना की स्थिति बनी है। साथ ही कोरोनाकाल में लॉकडाउन के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे, जिससे उनके घर के ज्यादातर विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग हुआ। इस कारण सामान्य वर्षों की तुलना में इस साल के औसत बिल में वृद्धि हो गई।
ऐसे होती है गणना
हर वर्ष बीते 12 महीने के उपयोग किए गए बिजली की औसत खपत की गणना कर अक्टूबर में अतिरिक्त सुरक्षा निधि के अंतर की राशि ली जाती है। इसकी गणना प्रचलित टैरिफ के आधार पर नियमानुसार पहले से जमा सुरक्षा निधि को घटाकर की जाती है। जितनी राशि का अंतर होता है, उतनी अतिरिक्त सुरक्षा निधि की देयता बनती है।
बिलिंग पर 34 फीसदी सुरक्षा निधि
अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी उपभोक्ता की इस साल की औसत खपत यूनिट 280 है, तो उसका बिजली बिल 1426 रुपए होगा। इसकी गणना के आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा निधि 490 रुपए बनती है, जो बिलिंग राशि का कुल 34 प्रतिशत है। यह प्रतिशत खपत के आधार पर भिन्न-भिन्न उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग होगी।
सुरक्षा निधि पर 4.25 फीसदी ब्याज
सुरक्षा निधि की राशि पर विभाग उपभोक्ताओं को ब्याज भी देता है। वर्तमान में उपभोक्ताओं को 4.25 प्रतिशत ब्याज दिया जाता है। यह राशि बिल में समायोजित होती है।

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