पाठ्य पुस्तक निगम में बड़ा घोटाला : तत्कालीन जीएम अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ केस दर्ज

ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया

छानबीन में मिले घोटाले से संबंधित दस्तावेज

By: ramendra singh

Updated: 10 May 2020, 11:18 PM IST

रायपुर . राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम में हुए करोडो़ रुपए टेंडर घोटाले में तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। इस मामले में निविदा हासिल करने वाले सप्लायर फर्म होप इंटरप्राइजेस और स्वीकृति देने वाले कमेटी के आधा दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है। ईओडब्ल्यू के एडीजी जीपी सिंह ने बताया कि फर्म ने निविदा हासिल करने के लिए फर्जी दस्तवेज जमा किया था। इसकी बगैर जांच किए फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए अशोक चतुर्वेदी और कमेटी के सभी सदस्यों ने जालसाजी करते हुए करोडों रुपए का काम दिया गया था। बताया जाता है कि कागज की आपूर्ति और प्रिंटिग से संबंधित निविदा के लिए 4 आवेदन जमा करवाए गए थे। लेकिन, यह सभी कागजों में मात्र दिखावे के लिए बनाए गए थे। इनका कोई अस्तित्व ही नहीं था। ईओडब्ल्यू को जांच के दौरान इसके दस्तावेज मिले हैं।

फर्जी कागज पेश कर हासिल की निविदा

पाठ्य पुस्तक निगम से निविदा हासिल करने के लिए दूसरी कंपनियों के नाम से फर्जी दस्तावेज बनवाए गए थे। इसके लिए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा ही झूठी निविदाएं पेश की गईं थी। साथ ही दस्तावेजों को वास्तविक दिखाने के लिए बिजली बिल भी नकली बनाया गया और जमा भी किया गया था। जबकि इसमें निविदाकार के हस्ताक्षर भी पेश नहीं किए गए थे। वहीं फर्मों की तरफ से जो ईएमडी और बैंक ड्रॉफ्ट लगाए गए, वे भी होप इंटरप्राइजेस के एक कर्मचारी द्वारा पेश किया गया था।
काम भी सौंपा

इस खेल में सभी पेपर ही फर्जी पेश किए गए थे। इसकी जानकारी प्रबंधक से लेकर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को थी। इसके बाद भी फर्म को साढ़े छह करोड़ से अधिक का काम दिया गया। ईओडब्ल्यू को इसके दस्तावेज जांच के दौरान मिले है। इसे देखते हुए सभी खिलाफ धारा 420, 467,468,471 के तहत जुर्म दर्ज किया गया था।

ramendra singh Desk
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