13 दिनों में मंडल स्तर तक नियुक्तियां और कार्यसमिति करने की डेडलाइन

- राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी पुरंदेश्वरी, सह प्रभारी नबीन ने ली बैठकें
कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सड़क पर उतरने की नसीहत

By: Bhupesh Tripathi

Published: 18 Jul 2021, 10:12 PM IST

रायपुर. कांग्रेस सरकार के विरुद्ध भाजपा अब पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गई है। यही वजह है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस बार एक साथ राष्ट्रीय संगठन सह महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी डी. पुंरदेश्वरी और सह प्रभारी नितिन नबीन को फिजिकली जाकर बैठक करने के निर्देश दिए, जिसके बाद तीनों नेता शनिवार को रायपुर पहुंचे। कुशाभाऊ ठाकरे पार्टी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक में सबसे पहले मोर्चा की बैठक शुरू होने के पहले शिव प्रकाश ने स्पष्ट कहा, 'जुलाई में सभी बची हुई नियुक्तियां पूरी करें। मोर्चा की राज्य से लेकर जिला और मंडल की कार्यसमितियों की बैठकें हो जानी चाहिए। विलंब नहीं होना चाहिए।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और संगठन महामंत्री पवन साय भी मौजूद रहे। सूत्रों की मानें तो नियुक्तियां न होने से पार्टी इन दोनों प्रदेश पदाधिकारियों से नाराज है। यह इनके लिए आखिरी डेडलाइन के तौर पर माना जा रहा है। उधर,बैठक में 7 मोर्चा से प्रत्येक के अध्यक्ष, 2 महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी को बैठक में अनुमति दी गई थी। करीब ढ़ाई घंटे चली बैठक के बाद शाम 5 बजे सभी प्रकोष्ठों और विभागों की बैठक शुरू हुई जो रात 10 बजे खत्म हुई। दोनों बैठकों में डी. पुरंदेश्वरी ने कहा कि मंडल तक नियुक्तियां करके ही हम शक्ति केंद्रों तक पार्टी की नीति और जनता की आवाज उठा सकते हैं। गौरतलब है कि नेताओं की आपसी खींचतान, चहेतों को पद देने के चलते नियुक्तियों में लगातार देरी हो रही है।

परफार्मेंस के आधार पर जिम्मेदारी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक अब हर महीने सभी मोर्चा, प्रकोष्ठ के कार्यों की समीक्षा होगी। सभी पदाधिकारियों को यह संदेश दे दिया गया है कि परर्फोमेंस से ही अब जिम्मेदारियां तय होगीं।

5-5 सेट में मांगी कार्ययोजना
अध्यक्षों, प्रकोष्ठ संयोजकों ने बारी-बारी से बताया कि उन्होंने बीते 3 महीने में राजनीतिक, सामाजिक तौर पर क्या काम किया और आगामी 3 महीने में क्या करेंगे पढ़कर बताया। इनसे 5-5 सेट में लिखित में कार्ययोजना ली गई। यह एक प्रकार से मोर्चा-प्रकोष्ट का प्रजेंटेशन माना गया है। भाजपा अब प्रजेंटेशन पर खासा जोर दे रही है। एक-एक सेट शिवप्रकाश, पुरंदेश्वरी और नबीन को दिए गए। एक-एक सेट विष्णुदेव साय और पवन साय को दिया गया। यह इसलिए ताकि अगली बैठक में इन्होंने जो बातें लिखीं, उनमें से कितना काम पूरा हुआ, इस पर बारीकी से पूछताछ हो सके।

Bhupesh Tripathi
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