BJP ने निर्वाचन आयोग पर नियम विरुद्ध चुनाव कराने का लगाया आरोप, धरने पर बैठी

छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम (Raipur Nagar Nigam) में सोमवार को महापौर और सभापति के चुनाव के बीच भाजपा ने राज्य निर्वाचन आयोग (Chhattisgarh Election Commission) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

By: Ashish Gupta

Updated: 06 Jan 2020, 03:22 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम (Raipur Nagar Nigam) में सोमवार को महापौर और सभापति के चुनाव के बीच भाजपा ने राज्य निर्वाचन आयोग (Chhattisgarh Election Commission) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के दिग्गज नेता राज्य निर्वाचन आयोग पर नियम विरुद्ध चुनाव कराने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए।

इस दौरान पार्टी के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राज्य निर्वाचन आयोग के बाहर नारेबाजी की। हालांकि विरोध के बीच भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी भी पार्षदों को प्रलोभन व भय दिखाकर अपने पक्ष में करने का षड्यंत्र रच रही है। परंतु बार-बार शिकायत करने के बाद भी निर्वाचन आयोग का मौन रहना संदेह पैदा करता है।

इससे एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने महापौर, सभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया दूषित हो गई है, जो कि लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। उन्होंने राÓय निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं।

भाजपा कार्यालय एकात्म परिषर में प्रेसवार्ता के दौरान विधायक अग्रवाल ने आरोप लगाते हुए कहा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त राज्य सरकार से प्रभावित है। हमें निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की कोई उम्मीद नहीं है, इसलिए हम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने में असफल रहा है। मतदान स्थल पर मोबाइल को ले जाने दिया जा रहा है। इससे चुनाव की गोपनीयता भंग हो रही है। इसे लेकर निर्वाचन आयोग से शिकायत की गई थी। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

उनकी मांग है कि चुनाव में पेन और मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध होना चाहिए। अग्रवाल ने रायपुर नगर निगम चुनाव प्रक्रिया पर भी आपत्ति उठाई है। चुनाव की अधिसूचना कलेक्टर की ओर से जारी होनी चाहिए, लेकिन यहां आयुक्त जारी कर रहे हैं। संशोधित कार्यक्रम जारी करने के लिए भी नियमों का पालन नहीं किया गया है। अग्रवाल ने शासकीय कर्मचारियों पर भी दबाव पूर्वक काम करने का आरोप लगाया है।

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