शराबबंदी, बेरोजगारी भत्ता और किसानों को राहत देने भाजपा ने घर- घर दिया धरना

- प्रदेश अध्यक्ष उसेण्डी ने कहा, जनता के साथ वादाखिलाफी का परिणाम भुगतना होगा.

By: Bhupesh Tripathi

Published: 12 May 2020, 11:22 PM IST

रायपुर. लॉकडाउन के बीच भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ घरों के बाहर बैठककर धरना दिया। दोपहर तीन से पांच बजे तक चले प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाथ में बैनर लिए अपना विरोध दर्ज कराया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी ने राजधानी में विधायक कॉलोनी स्थिति निवास के बाहर बैठकर धरना दिया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक बिल्हा स्थित अपने निवास के बाहर धरने पर बैठे। विधायक बृजमोहन अग्रवाल शंकर नगर स्थित शासकीय आवास के बाहर और राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने रायपुर में एेश्वर्य रेसीडेन्सी स्थित निवास के बाहर प्रदर्शन किया।

शराबबंदी, बेरोजगारी भत्ता और किसानों को राहत देने भाजपा ने घर- घर दिया धरना

इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी ने कहा, आज पूरे प्रदेश में कांग्रेस सरकार की वादाखि़लाफी को लेकर भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं ने धरना देकर विरोध की जो आवाज बुलंद की है, उसे प्रदेश सरकार अनसुना न करें। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के चलते प्रदेश के लाखों श्रमिक आज हज़ारों किलोमीटर दूर विभिन्न प्रदेशों में दाने-दाने को तरस रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने उनकी मदद के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। शराबबंदी का वादा कर घर-घर शराब पहुंचाई जा रही है।

शराबबंदी, बेरोजगारी भत्ता और किसानों को राहत देने भाजपा ने घर- घर दिया धरना

इन मांगों को लेकर था धरना
सभी किसानों की पूरी कर्ज माफी, दो साल के बकाया बोनस के भुगतान, पिछले खरीफ सत्र में खरीदे गए धान के मूल्य की अंतर राशि के तत्काल भुगतान, शराबबंदी, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिनों के मानदेय में बढ़ोत्तरी जैसे मांगे शामिल थी।

शराबबंदी, बेरोजगारी भत्ता और किसानों को राहत देने भाजपा ने घर- घर दिया धरना

भाजपा के धरने को कांग्रेस ने बताया नौटंकी
कांग्रेस ने भाजपा के शराबबंदी की मांग को लेकर घर में धरना को सुपर फ्लॉप शो राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा शराबबंदी के लिए गठित राजनीतिक कमेटी से भागने वाली भाजपा शराबबंदी के नाम से मात्र राजनीति नौटंकी कर रही है।

भाजपा के मिस कॉल वाले 56 लाख सदस्य ईमानदारी से भाजपा नेताओं के कहने पर यदि शराबबंदी की मांग को लेकर घरों में धरना देते तो यह भी शराब के खिलाफ सामाजिक जागरूकता की तरह होता। लेकिन दुर्भाग्य है 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे डॉक्टर रमन सिंह के कमीशनखोरी भ्रष्टाचार और शराब के सरकारी करण से भाजपा के 56 लाख मिस कॉल वाले सदस्य भी नाराज एवं दुखी है।

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