छत्तीसगढ़ के गोबर के डिजाइनर दीए से ब्रिटेन व अमेरिका भी होंगे रोशन

- उपलब्धि : दुर्ग जिले महिला समूह उड़ान नई दिशा के बनाए दीये की पहली खेप हो चुकी है रवाना .

 

By: Bhupesh Tripathi

Published: 26 Oct 2020, 07:30 PM IST

रायपुर . दुर्ग जिले के गांव व शहरों में गाय के गोबर से बन रहे दीए की अब विदेशों में भी डिमांड बढऩे लगी है। महिला समूह उड़ान नई दिशा द्वारा बनाए गए डिजाइनर दीये की पहली खेप अमरीका, स्विटजरलैंड कतर और लंदन रवाना हो चुकी है। समूह की संचालिका निधि चन्द्राकर ने बताया कि विदेशों में रहने वाले ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर देखकर दीयों की मांग कर रहे हैं। लंदन में रहने वाले पारख परिवार के सदस्य कोरोना ही वजह से इस बार दिवाली में नहीं आ पा रहे हैं तो अपने आंगन को रोशन करने दीये भेजने का आग्रह किया। अपने लिए तो मंगाए ही, वहां अपने परिचितों को गिफ्ट करने के लिए भी कलरफूल व डिजाइनर दीये लिए हैं। स्विटजरलैंड में रहने वाली संगीता देवांगन को हमारे गांव-देहात के दीए इतने भाए कि तुरंत डिमांड कर दी। मुंबई निवासी बसंत विश्वास इन दिनों कतर में किसी खास इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट में हैं। उन्होंने भी दीये की डिमांड की है। समूह से जुड़ी सुशीला मरावी के कुछ परिचित व रिश्तेदार अमरीका में रहते हैं। उनकी डिमांड पर अब अमरीका भी दीये भेजे जा रहे हैं।

डेढ़ दर्जन दीये की कीमत करीब दो हजार

विदेश भेजे जा रहे दीये डाक खर्च के कारण काफी महंगा पड़ रहा है। काफी हलका होने के बाद भी डेढ़ दर्जन दीये का कुरियर चार्ज 1500-2000 रुपए है। बावजूद प्रवासी भारतीयों को अपने गांव- शहर और गाय के गोबर से बने दीये खूब लुभा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर प्रचार से मिलने लगे भरपूर ऑर्डर
समूह ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जब से उनके कार्य को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया है तब से इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने सलाह दी कि ऑर्डर मिले तो लीजिए। ग्रामीण अचंल की महिलाओं को जोड़कर काम कीजिए। उनको प्रशिक्षित कीजिए और दीये सप्लाई कीजिए। एसपी प्रशांत ठाकुर ने भी महिलाओं की मेहनत और हुनर की तारीफ करते हुए हौसला बढ़ाया।

80 हजार दीये फटाफट बिक गए
महाराष्ट्र के पुणे व मुंबई, गुजरात, उत्तराखंड, पंजाब से लोगों ने ऑर्डर भेजा है। इनमें ज्यादातर व्यापारी हैं जो अपने शहरों में बेचने के लिए जल्द से जल्द दीये मांग रहे हैं। समूह की महिलाएं करीब 65 हजार सामान्य व 15 हजार डिजाइनर और कलरफूल दीये बना चुकी हैं। दिनोंदिन मांग बढ़ती ही जा रही है। स्वास्तिक, लोटस आदि में बने डिजाइनर व कलरफूल दीये की मांग महानगरों में खूब है। निधि ने बताया कि फिलहाल वे बाहर की मांग की पूर्ति पर फोकस कर रहे हैं। दीवाली नजदीक आने पर स्थानीय डिमांड पूरा करेंगे।

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