एकड़ के भाव जमीन का एग्रीमेंट, वर्गफीट में बेच रहे हैं दलाल

- अवैध प्लाटिंग का खेल, राजधानी के हर आउटर इलाके में सैकड़ों दलाल सक्रिय

 

By: Bhupesh Tripathi

Published: 25 Oct 2020, 02:02 AM IST

रायपुर। राजधानी की चारों दिशाओं में अवैध प्लाटिंग जोरों पर चल रही है। जमीन दलालों ने असली भूस्वामियों से एकड़ के भाव में जमीन का एग्रीमेंट किया और उसे वर्गफीट के हिसाब से बेचते हुए करोड़ो रुपए का चूना सरकार को लगा रहे हैं।

जमीन दलाल 2 हजार वर्गफीट से लेकर 2400 वर्गफीट तक के प्लाट लोगों को धोखे में रखकर अवैध तरीके से बेच रहे हैं। जमीन की कीमत दलालों द्वारा 600 से लेकर १२00 रुपए वर्गफीट तक तय की गई है। अहम बात यह है कि कई दलालों ने तो किसानों को धोखा देकर उनकी जमीन हथिया ली है। जिले में कॉलोनाइजरो द्वारा खेतो में प्लाट बेचने का कारनामा लगातार किया जा रहा हैं। पूर्ण विकसित कॉलोनी का प्रचार कर खेत में प्लाट बेचे जा रहे हैं। इतना ही नहीं सीधे साधे लोगो को धोखे में रख सरकारी जमीनों पर कब्जा दिया जा रहा है। प्लाट खरीदने वालो के साथ तो धोखाधडी हो ही रही हैं। साथ में सरकार के राजस्व को भी चूना लग रहा है।

हो रहा है नुकसान

इससे दो बड़े नुकसान हो रहे हैं, एक तो नगर सुसज्जित तरीके से नहीं बस रहा हैं और राजस्व को चूना भी लग रहा है। खेतो मे खरीदे गए प्लाटो की डायवर्सन के साथ मकान बनाने की मंजूरी नही मिलती हैं जिससे वह निर्माण अवैध की श्रेणी में आ जाता हैं। नगर पंचायत को भी राजस्व में घाटा होता हैं। मकान तो बन जाता हैं लेकिन नगर निगम से मंजूरी नही मिलने के कारण उसमें रजिस्टर्ड नही होता हैं। जिससे नगर निगम को टैक्स नही मिलता हैं।

नहीं मिलेगा सुविधाओं का लाभ

अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को नगर परिषद क्षेत्र की सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा है। इन्हें न पानी की सुविधा मिल रही और न ही बिजली की सुविधा। कॉलोनियों को पूर्ण विकसित करने का झांसा देकर आम जन को मुसीबत में डाला जा रहा है। कॉलोनियों में सड़क भी अपने ही खर्चों पर कॉलोनाइजर बनवाते हैं।

कृषि योग्य भूमि में काट दिए प्लॉट
शहर की सीमा से लगे बोरिया खुर्द, सेजबहार रोड, रायपुरा, गोंदवारा, गोगांव, भाठागांव सहित अन्य क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि में ही अवैध तरीके से प्लॉट काट कर कारोबारियों ने प्लॉट के रुप में बेच दिया है। कृषि योग्य भूमि को प्लाट के रूप में बेचने से पहले उसका परिवर्तन कराना होता है। कॉलोनाइजर बिना परिवर्तन कराए ही उसे बेच रहे हैं।

रजिस्ट्री कहीं की, कब्जा सरकारी जमीन पर
कालोनाइजरों द्वारा सरकारी जमीनें हड़पने का एक ओर तरीका अपनाया जाता है यह लोग जमीन वही खरीदते है जिसके आसपास सरकारी जमीन है। जिसमे यह लोग भोले-भाले खरीददार को रजिस्ट्री अपनी जमीन की करा रहे हैं और कब्जा सरकारी जमीन में दे देते है। बाद में इनका जो निजी जमीन में रकबा बच जा रहा है। उसे भी यह लोग ओने-पौने दामों में बेच रहे हैं।

ब्लाक स्तर पर जांच के लिए टीम बनाई जा रही है। सही ब्लाक में एसडीएम अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
डॉ. एसभारतीदासन, कलेक्टर, रायपुर

Bhupesh Tripathi
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