विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन आखिर क्यों भड़का विपक्ष, भाजपा विधायक हुए निलंबित

- बढ़ते अपराध पर विपक्ष का हंगामा, गर्भगृह में नारेबाजी, कार्यवाही स्थगित
- नेता प्रतिपक्ष के बोले बिना स्थगन अग्राह्य होने पर भड़का विपक्ष
- गर्भगृह में बैठकर नारेबाजी, सभी भाजपा विधायक निलंबित

By: Ashish Gupta

Published: 24 Feb 2021, 10:25 AM IST

रायपुर. विधानसभा के बजट सत्र (Budget session of Chhattisgarh Legislature) के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे अपराध को लेकर स्थगन प्रस्ताव की सूचना दी है। स्थगन के ग्राह्यता पर चर्चा के दौरान विपक्ष को बोलने का मौका दिया गया, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के संबोधन से पहले ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य कर दिया। इससे नेता प्रतिपक्ष तथा विपक्ष के सदस्य नाराज हो गए और गर्भगृह में बैठकर नारेबाजी करने लगे। इसके जवाब में सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी नारेबाजी की।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, इसमें वक्ताओं की सूची में नेता प्रतिपक्ष का नाम नहीं था। इसके बाद भी हंगामे को देखते सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। वहीं गर्भगृह में प्रवेश करने की वजह से भाजपा के 14 विधायक स्वमेव निलंबित हो गए। हालांकि सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भाजपा सदस्यों का निलंबन समाप्त किया गया।

शून्यकाल में भाजपा विधायक शिवतरन शर्मा ने प्रदेश में बढ़ते अपराध का मुद्दा उठाया और बढ़ते अपराध के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, छत्तीसगढ़ में कभी माफियाओं का राज नहीं था। विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, अब छत्तीसगढ़ में आम आदमी की जान की कीमत कुछ नहीं है। मुरई-भाटा हो गए हैं। विधायक नारायण चंदेल और धर्मजीत सिंह ने भी बढ़ते अपराधों को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी।

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इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव की सूचना पढ़कर सुनाई। इसमें गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की ओर से जवाब भी आया। गृहमंत्री ने कहा, राज्य की पुलिस संवेदनशील है। तत्परता से कार्रवाई कर रही है। जितने मामलों का जिक्र आया है, उसमें पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है। ज्यादातर मामलों में गिरफ्तारी हुई है।

वीआईपी रोड बना आपराधिक अड्डा
विधायक अग्रवाल ने वीआईपी रोड अपराध का अड्डा बन गया है। जैसे अपराध हो रहे हैं, वैसे अपराध छत्तीसगढ़ में कभी नहीं हुए। छत्तीसगढ़ में अपराध के नए-नए तरीके खोजे जा रहे हैं। हर जिले में अपने दो-चार नेता अवैध कामों से जुड़े हुए हैं।

ठेके पर चल रहा शासन, भागवत करवाने की सलाह
विधायक चंद्राकर ने कहा, ठेके पर शासन चल रहा है। अपराध बढऩे का बढ़ा कारण यह है कि आज एसपी और कलेक्टर की नियुक्ति ठेके पर हो रही है। उन्हें लक्ष्य दिया जा रहा है। ढाई साल पूरे हो गए हैं, ओटीटी पर अभी दूसरी फिल्म रिलीज होगी। विधायक चंद्राकर ने गृहमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा, संस्कार की वजह से अपराध बढ़ रहे हैं। यदि संस्कार की कमी है, तो आपके पास धर्मस्व विभाग भी है। खुडमुड़ा की आत्मा की शांति के लिए धर्मस्व विभाग से सब जगह भागवत कराओ। जितने मरे हैं, जितनी दुर्घटनाएं हुई है, उनके लिए भागवत कराओ।

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कानून का डर खत्म
विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा, प्रदेश में कानून व्यवस्था लचर हो गई है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निवास के सामने अपराध हो रहा है। कांग्रेस के विधायक शैलेष पांडेय का कॉलर पकड़ा जाता है। इसमें भी आज तक एफआईआर नहीं हुई है।

रमन बोले- झीरम से तुलना ठीक नहीं, यह दुर्भाग्यजनक
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, मानपुर में पुलिस नोटिस चस्पा करके कह रही है कि आप को सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो घर छोड़कर चले जाइए। आज तक दंतेवाड़ा और सुकमा में ऐसे हालात कभी नहीं बने। इस पर मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा, छत्तीसगढ़ के इतिहास में झीरम से बड़ी घटना कभी नहीं हुई। आप कहां नक्सलियों की बात कर रहे हैं। आज तक कोई पकड़ में नहीं आया है। इसमें रमन ने कहा, बढ़ते अपराध से झीरम की तुलना ठीक नहीं है। यह दुर्भाग्यजनक है। अपने पास प्रमाण रखने वाले इसका प्रमाण भी नहीं दे रहे हैं। उनका इशारा मुख्यमंत्री की तरफ था।

सीएम ने कहा- हमको जांच करने क्यों नहीं दे रहे
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, झीरम के मामले में हम अभी भी गंभीर हैं। एसआईटी गठित कर जांच शुरू की। यही लोग भाग कर आए। केंद्र सरकार कोर्ट चली गई। ये बोलते हैं एनआईए ही जांच करेगी। हमें जांच करने नहीं दे रही। हाईकोर्ट में अपनी फाइल रिपोर्ट जमा कर दी, तो केस हमें वापस क्यों नहीं करते। क्या पर्दादारी है। क्या छिपाना चाहते हैं। हमनें केंद्रीय गृहमंत्री से भी कहा, हमें जांच करने दे, वो इसकी अनुमति क्यों नहीं दे रहे हैं।

505 करोड़ का तृतीय अनुपूरक बजट
सदन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के तृतीय अनुपूरक अनुमान का उपस्थापन किया। इसमें 505 करोड़ रुपए के खर्च का प्रावधान है। तृतीय अनुपूरक बजट पर आज सदन में चर्चा होगी।

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