जिस भवन में रहे थे विवेकानंद, उसे स्मारक बनाने का रास्ता साफ

- राज्य सरकार ने भवन के मालिकों को टीबी अस्पताल के पास दी जमीन
- अब डे भवन में संजोई जाएंगी स्वामी जी की यादगार

By: Mithilesh Mishra

Published: 03 Jan 2020, 01:53 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित जिस भवन में स्वामी विवेकानंद ने बचपन के कुछ वर्ष बिताए थे, उसे स्मारक बनाने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने भवन के बदले में उसके मालिकों को शहर में ही दूसरी जगह जमीन देने का फैसला कर लिया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार रात हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में जमीन अदला-बदली के प्रस्ताव पर मुहर लग गई। तय हुआ कि रायबहादुर भूतनाथ डे चेरिटेबल ट्रस्ट को कालीबाड़ी के पास स्थित मलेरिया और क्षय रोग अस्पताल के पास 3900 वर्गफीट जमीन दी जाएगी।

यह ट्रस्ट बुढ़ापारा के जिस भवन में हरिनाथ अकादमी नाम से स्कूल चलाता है, उसी भवन में स्वामी विवेकानंद कुछ वर्ष रह चुके हैं। सरकार ने उसे स्मारक के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। नवम्बर में आए अनुपूरक बजट में स्मारक के लिए एक करोड़ रुपए की व्यवस्था भी कर ली गई है।

बताया जाता है कि उस भवन में कभी एक शिलालेख लगा था जिसके मुताबिक 1877 में स्वामी विवेकानन्द अपनी मां, भाई और बहन के साथ कलकत्ता से सेन्ट्रल प्रोविन्स के रायपुर में पहुंचे थे।

वे लोग नागपुर से चार बैलगाडिय़ों में करीबन एक माह की यात्रा करते हुए यहां पहुंचे। इस यात्रा में उनके साथ रायबहादुर भूतनाथ डे (एमए, बीएल) एवं उनका छह माह का पुत्र हरिनाथ डे (भाषाविद्) भी थे। विवेकानंद के परिवार ने इसी ''डे भवन' में निवास किया था।

Mithilesh Mishra Desk
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