कोरोना इफेक्ट: चीन जाने से कतरा रहे हैं कारोबारी, त्यौहारी सीजन में 8000 करोड़ के व्यापार पर पड़ेगा असर

कारोबारी संगठनों के मुताबिक प्रदेश में चीन से आयात होने वाले उत्पादों का टर्नओवर 20 हजार करोड़ से अधिक बताई जा रही है। त्यौहारी सीजन की तैयारियां कारोबारी दो से तीन महीने पहले करते हैं। इस सीजन में 8 से 10 हजार करोड़ के उत्पाद चीन से आयात होते हैं।

By: Karunakant Chaubey

Published: 14 Jun 2020, 04:17 PM IST

रायपुर. कोरोना संक्रमण काल में छत्तीसगढ़ के सैंकड़ों व्यापारी अब चीन जाने से कतरा रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह संक्रमित होने का डर है। छत्तीसगढ़ में चीन से मूर्तियों से लेकर किचन, बेडरूम तक के सामान आयात होते हैं। कारोबारी संगठनों के मुताबिक प्रदेश में चीन से आयात होने वाले उत्पादों का टर्नओवर 20 हजार करोड़ से अधिक बताई जा रही है। त्यौहारी सीजन की तैयारियां कारोबारी दो से तीन महीने पहले करते हैं। इस सीजन में 8 से 10 हजार करोड़ के उत्पाद चीन से आयात होते हैं।

वर्तमान स्थिति में चीन से सिर्फ 5 से 10 फीसदी माल आयात हो रहा है। ऐसे कई उत्पाद है, जिसके कंसाइनमेंट को कारोबारी चीन जाकर ही फाइनल करते हैं। इसमें इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, फर्नीचर, खिलौने, गिफ्ट आयटम्स, घडियां, कपड़े, सौंदर्य उत्पाद, स्टेशनरी, किचन उपकरण, सजावटी समान आदि शामिल हैं। कोरोना के डर की वजह से इन उत्पादों का आयात प्रभावित होगा। इससे लोगों में घरेलू उत्पादों पर भरोसा बढ़ेगा।

कारोबारियों के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में चीन से अरबों का उत्पाद प्रभावित होगा, लेकिन देश के भीतर भी इसकी उपलब्धता बरकरार रखने के लिए घरेलू उद्योगों को भी बड़ा मौका मिल सकता है। मेक इन इंडिया का सपना साकार हो सकता है। इसके लिए कारोबारियों को सरकारी मदद की भी आवश्यकता पड़ेगी, ताकि नए उद्योगों को शुरू होने का मौका मिल सके। राजधानी के इलेक्ट्रिकल औ इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों का कहना है कि चाइना से सामान मंगवाना मजदूरी है, क्योंकि देश के भीतर सस्ती कीमत पर यह उत्पाद निर्मित ही नहीं होते। कई ऐसे उत्पाद भी हैं, जिसका निर्माण अभी तक देश के भीतर शुरू नहीं हो सका है।

एयर कार्गों का भाड़ा बढ़ा

कारोबारियों के मुताबिक चाइना से सामान मंगवाने के लिए एयर कार्गों का भाड़ा तीन से चार गुणा बढ़ चुका है। चुनिंदा फ्लाइट्स होने की वजह से यह स्थिति निर्मित हुई है। उदाहरण के तौर पर डेकोरेटिव आयटम्स जिसमें झालर और अन्य एलईडी शामिल हैं, इसका किराया 100 रुपए प्रति किलो से बढकर 300 से 400 रुपए हो चुका है। इसी तरह समुद्री मार्ग के जरिए भी सामान मंगवाना अब महंगा हो चुका है।

त्यौहारी सीजन से बढ़ता है चीन का कारोबार

प्रदेश में गणेश चतुर्थी से चाइना का कारोबार शुरू हो जाता है, जो कि दिवाली और नए साल तक जारी रहता है। इलेक्ट्रिकल उत्पादों में झालर, स्पॉट लाइट, डेकोरेटिव आयम्टस, एलईडी, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, फर्नीचर और अन्य सजावटी सामान बड़ी तादाद में चीन से आयात होते हैं।

मेक इन इंडिया को मौैका, लेकिन क्रियान्वयन जरूरी

राजधानी के रविभवन व्यापारी संघ के अध्यक्ष जय नानवानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में चीन का व्यापार 20 हजार करोड़ से अधिक होने की संभावना है। त्यौहारी सीजन में 50 फीसदी से अधिक का व्यापार होता है। वर्तमान समय में व्यापारी चीन जाने से घबरा रहे हैं। मेक इन इंडिया को फिर से खड़ा करने का मौका कारोबारियों और नए उद्यमियों के पास हैं, लेकिन इसके लिए सरकार के साथ-साथ प्रशासन का सहयोग आवश्यक है। इलेक्ट्रिकल मर्चेंट एसोसिएशन के अमरदास खट्टर के मुताबिक इलेक्ट्रिकल का बड़ा बाजार चीन पर निर्भर है। घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने से ही चाइना से मुकाबला कर पाएंगे। त्यौहारी सीजन में आयात कमजोर रहा तो डिमांड-सप्लाई में अस्थिरता की आशंका है।

चीन के सामान बहिष्कार के लिए समिति गठित

इधर कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) सीजी चैप्टर ने चाइना सामानों के बहिष्कार के लिए समिति का गठन किया है। कैट ने भारतीय सामान-हमारा अभिमान के अंर्तगत इस अभियान को शुरू किया है। शुक्रवार को राजधानी के प्रदेश कार्यालय में कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह समिति गठित की गई। बैठक में चीन के सामानों के बहिष्कार के लिए रणनिति बनाने के साथ साथ जन-जागरण अभियान के लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

कैट की राष्ट्रीय समिति के साथ मिलकर यह समिति नागरिकों एवं व्यापारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक करने के साथ चीन से आने वाले सामानों के बारे जानकारी देंगे। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी ने बताया कि पदाधिकारियों को बताया कि चीन के उत्पाद खरीदने से चीन को जो राजस्व की प्राप्ति होती है। इसका उपयोग चीन द्वारा हमारे देश के खिलाफ किया जाता है।

हमें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम करना होगा। बैठक में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेंद्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी आदि उपस्थित थे।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned