तितलियों की प्रजाति संरक्षित करने भोरमदेव में बनेगा बटरफ्लाई गार्डन

- सीसीएफ के दौरे में अफसरों ने दिया प्रस्ताव
- मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही शुरू होगा निर्माण कार्य

 

By: Bhupesh Tripathi

Published: 12 Jan 2021, 08:52 PM IST

रायपुर। प्रदेश के भोरमदेव अभयारण्य में जल्द ही रंगबिरंगी तितलियों के लिए अलग से रहवास बनाया जाएगा। अभयारण्य में बटरफ्लाई गार्डन बनाने का प्रस्ताव अधिकारियों ने सीसीएफ वाइल्ड लाइफ को दिया है। सीसीएफ ने फाइल को अरण्य भवन भेज दिया है। अरण्य भवन के अधिकारियों की स्वीकृति मिलने के बाद अभयारण्य में बटरफ्लाई गार्डन का निर्माण शुरू कर दिया है। बटरफ्लाई गार्डन में फूलों के ऐसे पौधे लगाए जाएंगे, जिनकी ओर तितलियां आकर्षित होकर गार्डन में पहुंचे।

भोरमदेव में होगा निर्माण कार्य
पर्यटकों को भोरमदेव अभयारण्य में अच्छा लगे, इसलिए आधा दर्जन से ज्यादा प्रपोजल स्थानीय अधिकारियों ने मुख्यालय के अफसरों को भेजा है। बटरफ्लाई गार्डन भी इसी प्रपोजल का हिस्सा है। बटरफ्लाई गार्डन कहां बनेगा? इसकी जगह चयनित कर ली गई है। अधिकारियों की स्वीकृति मिलते ही, इसका निर्माण कार्य शुरु कर दिया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो लगभग ढाई एकड़ में गार्डन तैयार किया जाएगा। प्रदर्शन कक्ष में अभयारण्य में विचरण कर रहे, सभी वन्य प्राणियों की जानकारी होगी। पर्यटक जब प्रदर्शन कक्ष में जाएंगे, तो वहां पर बना बटरफ्लाई गार्डन उन्हें अपनी ओर आकर्षित करेगा।

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लगभग 10 लाख खर्च करेंगे जिम्मेदार
बटरफ्लाई पार्क के लिए इस्टीमेट तैयार किया गया है। इसमें पौधों की प्रजाति, पार्क में पर्यटकों के घूमने के लिए सुविधाएं आदि तय की गई है। शुरुआती तौर पर लगभग 10 लाख रुपए में पार्क विकसित होने का अनुमान है। तितलियों को आकर्षित करने के लिए पार्क में गुलाब, गेंदा, सूरजमुखी, चमेली, मोंगरा आदि पौधे प्रमुख हैं।

50 से ज्यादा प्रजाति प्रदेश में
वन विभाग के जिम्मेदारों की मानें तो प्रदेश में तितलियों की 50 से ज्यादा प्रजातियां है। इनमें से निम्फालिडी की 24 प्रजाति, लाइसिनिडी की 11, पाइरिडी की 7, पेपिलिडयोनिडी की 6, एवं हेसपिरिडी की 3 प्रजातियां शामिल हैं। यह सभी तितलियां चटख रंग की मखमली पंखों वाली औसत से लेकर बड़े आकार की है। गार्डन बनने के बाद जब तितलियां यहां मंडराएंगी तो एक साथ सैकड़ों तितलियों को देखना काफी खूबसूरत और सुकून भरा अनुभव होगा।

पर्यटकों को अभयारण्य में रोका जा सके और उनका सुकून दिया जा सके, इसलिए बटरफ्लाई पार्क बनाया जाएगा। बटरफ्लाई पार्क का प्रपोजल मुख्यालय के अधिकारियों को भेजा है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरु कर दिया जाएगा।

- राजेश पांडेय, सीसीएफ, वन विभाग

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