scriptBy telling the amount in the account, the thug assured the youth | खाते में रकम बताकर ठग ने युवक को दिलाया भरोसा, दो लाख रुपए से ज्यादा ठगे | Patrika News

खाते में रकम बताकर ठग ने युवक को दिलाया भरोसा, दो लाख रुपए से ज्यादा ठगे

बैंक खाता केवायसी के नाम पर भेजा था मैसेज, ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ युवक

रायपुर

Published: April 29, 2022 01:22:34 am

रायपुर. बैंक के नाम से साइबर ठगी करने वाले लोगों को इस तरह भरोसा दिलाते हैं कि उन्हें बैंक के अधिकारी-कर्मचारी ही समझते हैं। उन पर किसी तरह का शक नहीं हो पाता। उरला इलाके के एक युवक को ठगों ने इसी तरह का झांसा दिया। ठगों ने युवक को उनके बैंक खाते में कितने रुपए जमा है, उसके बारे में भी बता दिया। यह सुनकर युवक को उस पर भरोसा हो गया और फिर केवायसी के नाम पर ठग ने जो जानकारी मांगी, उसे वह देता गया। जानकारी लेते ही ठग ने उनके बैंक खाते से 2 लाख रुपए से ज्यादा रकम पार कर दिया। इसकी शिकायत पर उरला पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।
खाते में रकम बताकर ठग ने युवक को दिलाया भरोसा, दो लाख रुपए से ज्यादा ठगे
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पुलिस के मुताबिक बिरगांव निवासी देवेंद्र कुमार त्रिपाठी के मोबाइल में एक मैसेज आया। मैसेज में 24 घंटे के भीतर बैंक खाता की केवायसी कराने के लिए कहा गया था। अन्यथा बैंक खाता बंद होने का दावा किया गया था। केवायसी के लिए कस्टमर केयर का नंबर भी दिया गया था। देवेंद्र ने कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया। और बातचीत की। दूसरी ओर से बात करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी मुशरफ हुसैन बताते हुए बैंक खाता बंद होने की जानकारी दी। देवेंद्र को शुरू में उस पर यकीन नहीं हुआ, तो ठग ने उनके बैंक खाता नंबर, नाम-पता और उसके खाते में बैलेंस की पूरी जानकारी दे दी। यह सुनकर देवेंद्र को उस पर भरोसा गया कि वह बैंक का अधिकारी ही है। इसके बाद ठग ने जो-जो पूछा, देवेंद्र उसे बताता गया। आधा नंबर, पैन कार्ड नंबर पूछने के बाद एक ओटीपी नंबर भी आया। इसकी जानकारी भी दे दी। इसके बाद थर्ड पार्टी केवायसी एक्टीवेटेड का मैसेज आया। इसके बाद केवायसी कंपलीट होने का मैसेज आया। इसके कुछ ही क्षण बात उनके बैंक खाते से एक ही बार में 2 लाख 28 हजार 187 रुपए का आहरण हो गया।
पश्चिम बंगाल का है नंबर

पीडि़त को फोन करने वाला मुशरफ हुसैन जलपाईगुड़ी का रहने वाला है और उसके नाम के बैंक खाते में ही राशि गई है। पुलिस को शक है कि मुशरफ असली नाम नहीं है। कई बार साइबर ठग दूसरे राज्य का नंबर लेते हैं और दूसरे राज्य में फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाता खोलते हैं, जिससे असली आरोपी को पकडऩा मुश्किल हो जाता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेेचना में लिया है।

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