जनता ने कहा- न्यूनतम बैलेंस पर ग्राहक देता है पेनल्टी, तो एटीएम खाली होने पर बैंक भी दे जुर्माना

क्यों ना एटीएम में कैश नहीं होने पर बैंकों को ग्राहकों के खाते पर जुर्माना भरना चाहिए।

By: Deepak Sahu

Published: 25 Apr 2018, 12:31 PM IST

रायपुर . बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं होने पर जिस तरह प्रबंधन द्वारा बिना बताएं ग्राहकों के खाते से राशि वसूल की जा रही है । उसी तरह क्यों ना एटीएम में कैश नहीं होने पर बैंकों को ग्राहकों के खाते पर जुर्माना भरना चाहिए। शहर में यह बहस छिड़ चुकी है। 15 दिनों से एटीएम में कैश की किल्लत के बाद ग्राहक परेशान हो चुके हैं । वहीं हर तरफ से यह मांग उठ रही है कि आखिरकार जुर्माना भरने के लिए आम ग्राहक ही क्यों है, क्यो ना बैंक भी इस नियम का पालन करें।

आखिरकार बैंक प्रबंधन की गलती से ग्राहकों को परेशानी हो रही है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी उठाने के लिए कोई नहीं है। राजधानी में बीते दो हफ्ते से एटीएम में नो-कैश की स्थिति है। अभी भी शहर के 60 से लेकर 70 फीसदी एटीएम में कैश नहीं है । जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मिनिमम बैलेंस पर 1771 करोड़ की कमाई की
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय स्टेट बैंक ने अप्रैल से नवंबर-2017 तक न्यूनतम बैलेंस न रखने वाले ग्राहकों पर पेनाल्टी लगाकर 1771 करोड़ रुपए की कमाई की है।

स्टेटमेंट में पता चल रहा खेल
ग्राहकों के खाते में मोबाइल और आधार का लिंक होने के बाद भी ग्राहकों को मिनिमम बैलेंस का खेल नजर नहीं आ रहा है। मिनिमम बैलेंस के जरिए कटने वाली राशि की जानकारी मोबाइल पर नहीं आ रही है। स्टेटमेंट निकालने पर पता चल रहा है कि ग्राहकों के खाते से विभिन्न शुल्क के जरिए हर महीने 100 से 500 रुपए की राशि की चपत लग रही है।

atm

दूसरी शाखा में कैश जमा किया तो लगा 59 रुपए चार्ज
एसबीआई की मूल शाखा में कैश जमा करने के बजाय दूसरी शाखा में जमा करने पर ग्राहकों को ५९ रुपए का अतिरिक्त शुल्क वसूल किया जा रहा है। हर बार यह राशि ग्राहकों के खाते से कट रही है।

यह नियम भी असंगत
1. ग्राहकों के खाते से मासिक किश्त यानी ईएमआई किसी भी वक्त कट रही है । जबकि चेक क्लियरेंस होने के बाद भी रुपए शाम 5 बजे के बाद ही आ रहा है।
2. 24 घंटे के बजाय 2 से 3 दिन में हो रहा चेक क्लियरेंस।

एचडीएफसी ने महीने में 600 रुपए काटे
राजधानी के कारोबारी गौरव ने बताया उनके बैंक खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं होने पर एचडीएफससी बैंक ने दो महीने 600 रुपए के हिसाब से कुल 1200 रुपए की राशि काटी है । वहीं बैंक से यह निर्देश मिला कि वे हर महीने अपना न्यूनतम बैलेंस 5000 रुपए अनिवार्य रूप से जमा रखें।

cash crunch

हर बैंकों के अलग-अलग नियम
1. मिनिमम बैलेंस पर हर बैंकों का अलग-अलग नियम है, जिसके मुताबिक सेविंग अकाउंट्स में तीन बार कैश जमा कराना नि : शुल्क रहेगा लेकिन इसके बाद हर कैश ट्राजैक्शन पर 50 रुपये का चार्ज और सर्विस चार्ज देना होगा, चालू खाते में यह चार्ज अधिकतम 10 हजारु से अधिक हो सकता है।
2. एसबीआई मिनिमम ऐवरेज बैलेंस नहीं रखने पर 100 रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है, साथ ही सर्विस टैक्स भी देना होगा।
3. खाते में एक लाख रुपये से ज्यादा राशि होने पर स्टेट बैंक के ग्राहक दूसरे बैंकों के एटीएम से जितनी बार चाहें ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।
4. एक महीने में दूसरे बैंक के एटीएम से तीन बार से ज्यादा कैश निकालने पर 20 रुपये का चार्ज देना होगा। वहीं अगर ग्राहक एसबीआई के एटीएम से पांच से ज्यादा ट्रांजैक्शन करता है तो
हर बार 10 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
5. एसबीआई खुद के एटीएम से तब कोई शुल्क नहीं लगाएगा, जब तक खाते में 25,000 रुपये से अधिक बैलेंस होगा।


मालवीय रोड व्यापारी संघ महासचिव राजेश वासवानी ने कहा कि निश्चित तौर पर एटीएम में कैश नहीं होने पर बैंकों को जुर्माना भरना चाहिए। दूसरी बात यह है कि कैशलेस योजना में भारी-भरकम एमडीआर चार्जेंस की वजह से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

संगठन मंत्री रविकांत जायसवाल ने कहा कि संगठन के जरिए भी हम इस मुद्दे को उठाना चाहते हैं कि जब ग्राहकों को रुपए की जरूरत पड़ती है तो एटीएम में कैश नहीं होता है। इस पर बैंकों को जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

एसबीआइ डीजीएम ब्रम्ह सिंह ने बताया कि मिनिमम बैलेंस नहीं होने पर आरबीआई के नियमों के मुताबिक ग्राहकों के खाते से राशि काटी जाती है, लेकिन एटीएम में कैश नहीं होने पर ग्राहकों को इसके बदले किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति देने का नियम नहीं है।

Deepak Sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned