डीजीपी के कैशलेस चालान का आदेश बेअसर, टीआई से निचले स्तर वाले भी वसूल रहे नकद

शहर के आउटर में यातायात पुलिस के टीआई से निचले स्तर के अधिकारी चालान काट रहे हैं, जबकि डीजीपी के आदेश के मुताबिक शहर के आउटर ग्रामीण इलाके में डीएसपी स्तर के अधिकारी चालान काटेंगे। और शहर में टीआई चालान काटेंगे।

By: Karunakant Chaubey

Published: 20 Nov 2020, 04:11 PM IST

रायपुर. ट्रैफिक चालान की कार्रवाई को पेपरलेस और भ्रष्टाचार रोकने के लिए डेढ़ साल पहले डीजीपी ने सभी तरह के चालान नकद के बजाय एटीएम कार्ड के जरिए भुगतान लेने का आदेश दिया था। अब राजधानी में इस आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए ट्रैफिक पुलिस अपने पुराने ढर्रे पर लौट गई है। चालान का भुगतान नकद लिया जा रहा है। साथ ही कई जगह टीआई स्तर से नीचे के अधिकारी भी चालान काट रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि अगस्त 2019 में डीजीपी डीएम अवस्थी ने रायपुर में ट्रैफिक चालान कटने पर राशि नकद लेने पर रोक लगा दी थी। ट्रैफिक पुलिस को स्वाइप मशीन के जरिए एटीएम कार्ड या अन्य ऑनलाइन साधन के जरिए चालान का भुगतान लेने का आदेश दिया था।

शुरुआत में ट्रैफिक पुलिस ने इसका पालन करते हुए मौके पर स्वाइप मशीन लगाकर चालान काटा था। और वाहन चालकों से नकद राशि नहीं लिया थ। कुछ माह बाद फिर पुराना तरीका शुरू कर दिया है। स्वाइप मशीन के स्थान पर नकद वसूली की जा रही है।

70 वाहन चालकों पर हुई कार्रवाई

बुधवार की शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक 7 अलग-अलग जगह चेकिंग पाइंट लगाकर यातायात पुलिस ने स्पीड बाइकर्स के खिलाफ कार्रवाई की। मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत 500 रुपए का चालान काटा गया। पुलिस ने 70 से अधिक बाइक चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें से अधिकांश से चालान के रूप में नगद राशि लिया गया। कई जगह एटीएम कार्ड से भुगतान के लिए स्वाइप मशीन का भी उपयोग नहीं किया गया है।

आउटर में टीआई से निचले स्तर वाले काट रहे चालान

शहर के आउटर में यातायात पुलिस के टीआई से निचले स्तर के अधिकारी चालान काट रहे हैं, जबकि डीजीपी के आदेश के मुताबिक शहर के आउटर ग्रामीण इलाके में डीएसपी स्तर के अधिकारी चालान काटेंगे। और शहर में टीआई चालान काटेंगे। विधानसभा रोड में पिछले चार-पांच माह से एसआई स्तर के पुलिसकर्मी चालान काट रहे हैं। इसी तरह शहर के आउटर के अन्य हिस्सों में भी इसी ढंग से चालान काटे जा रहे हैं।

ताकि भ्रष्टाचार न हो

ट्रैफिक चालान को कैशलेस करने का मुख्य उद्देश्य किसी भी तरह के भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और चालान प्रक्रिया को पारदर्शी करना था। इससे यातायात पुलिस का आम लोगों में विश्वास बढऩे और पुलिस व जनता के बीच सामंजस्य स्थापित करना था। लेकिन राजधानी में ही अधिकांश स्थानों पर इसका पालन नहीं हो रहा है।

डीएसपी की मौजूदगी में चालान नकद लिया जा सकता है। रात में स्पीड बाइकर्स के खिलाफ कार्रवाई के दौरान भी डीएसपी मौजूद रहे होंगे।

-एमआर मंडावी, एएसपी ट्रैफिक, रायपुर

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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