टॉपर्स ने दिए सक्सेस मंत्र, कहा - इन रूल्स को फॉलो करके बने टॉपर

टॉपर्स ने दिए सक्सेस मंत्र, कहा - इन रूल्स को फॉलो करके बने टॉपर

Sumit Yadav | Publish: May, 27 2018 07:42:06 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

बीएसइ बारहवीं का रिजल्ट घोषित : टॉपर्स ने अपनी सफलता का श्रेय दिया पेरेंट्स और टीचर्स को...

रिपोर्टर@ रायपुर .अपनी जमीं अपना आकाश पैदा कर, अपने कर्मों से नया इतिहास पैदा कर...मांगने से मंजिल नहीं मिलती एे दोस्त, अपने हर कदम पर नया विश्वास पैदा कर।ÓÓ.. वही सपने यकीन में बदलते हैं जिन्हें आप अपनी खुली आंखों से देखते हैं। शनिवार को जब सीबीएसइ ने बारहवीं के नतीजे घोषित किए तो स्टूडेंट्स की खुशियां उनके चेहरे से झलकती हुई दिखाई दी। उनकी आंखों में नया मुकाम हासिल करने के सपने और कुछ कर गुजरने की चाह साफ देखी जा रही थी। अपनी मेहनत के दम पर अपनी पहचान बनाने वाले स्टूडे्ट्स ने अपनी सफलता का श्रेय पेरेंट्स और शिक्षकों को दिया तो किसी ने टीचर्स के मार्गदर्शन को अपनी सफलता का राज बताया। तो किसी ने बड़े भाई को अपना आइडल माना।

एक्सपेक्टेशन नहीं किया

&कॉमर्स विद मैथ्स में 97 परसेंट से टॉप करने वाली डीपीएस की स्टूडेंट हनी अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने ये कभी नहीं सोचा था कि वे टॉप करेंगी, लेकिन उन्होंने फुल फोकस होकर स्टडी की। उनका कहना है कि एक्सपेक्टेशन हमारे अंदर भय पैदा करती है। वे सीए बनना चाहती हैं। हनी सफलता का श्रेय पेरेंट्स को देती हैं।

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IMAGE CREDIT: dinesh yadu

टीचर्स का रहा सपोर्ट

केंद्रीय विद्यालय-२ में साइंस की स्टूडेंट भाविनी वाजपेयी (93.20 माक्र्स) ने बताया कि स्टडी के दौरान पेरेंट्स का कोई प्रेशर नहीं रहा न उन्होंने परसेंटेज को लेकर दवाब बनाया। मैं लास्ट इयर के क्वेशचन पेपर सॉल्व करती थी। सफलता का श्रेय मैं टीचर्स और पापा विनोद और मां रमोनिला वाजपेयी को देना चाहती हूं।

भाई ने किया मोटिवेट

&केपीएस की स्टूडेंट्स एन साईं वैभवी (97%) बताती है कि सफलता के लिए मेनहत करना बहुत जरूरी है। सबसे पहले तो अपनी फैमिली को थैंक्स बोलना चाहूंगी। क्योंकि उन्होंने मुझे हर मोड़ पर मोटिवेट किया। आगे चलकर मैं अपना कॅरियर सिविल सर्विसेज में बनाना चाहूंगी। मेरे बड़े भाई इसी फील्ड में तैयारी कर रहें है।

पापा का रहा पूरा सपोर्ट

& पापा के मोटिवेशन से मैं १२वीं में 95.60 प्रतिशत लाया हूं। यह कहना है डीपीएस के स्टूडेंट आयूष चौधरी का। वे बताते है कि जब भी मैं एग्जाम को लेकर टेंशन में आता था तो पापा मुझे हमेशा मोटिवेट करते हैं। मैं ५ से ६ घंटे पढ़ाई किया करता था।

सेल्फ स्टडी से की तैयारी

&खुशी गोविंद दानी(96%) का कहना है है कि शुरू से ही मैंने तय कर लिया था कि 95 से ज्यादा माक्र्स लाना है। मैं कोचिंग के साथ घर पर स्टडी करती थी। मैं मेडिकल फील्ड में कॅरियर बनाना चाहती हूं। इसका श्रेय मैं पैरेंट्स के साथ टीचर्स को देना चाहती हूं।

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