नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए केंद्र: मुख्यमंत्री भूपेश

नई पहल : मुख्यमंत्री भूपेश ने केंद्रीय गृहमंत्री शाह को लिखा पत्र, सीएम दिल्ली ने कई केंद्रीय मंत्रियों से किया मुलाकात .

By: Bhupesh Tripathi

Published: 17 Nov 2020, 11:32 PM IST

रायपुर. प्रदेश में माओवाद की समस्या को लेकर राज्य सरकार गंभीर हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे जड़ से खत्म करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिख कर कई अहम सुझाव दिए हैं। उनका मानना है, इस समस्या से निपटने के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का सृजन किया जाए, जिससे स्थानीय बेरोजगार माओवादी समूहों में शामिल न हो पाए।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है, यदि बस्तर में स्थापित होने वाले स्टील प्लांट्स को 30 प्रतिशत डिस्काउन्ट पर लौह अयस्क उपलब्ध कराया जाए, तो वहां निवेश और रोजगार के अवसर निर्मित होंगे। वहीं सौर उर्जा संयंत्रों की बड़ी संख्या में स्थापना से ही आमजन की उर्जा आवश्यकता की पूर्ति तथा उनका आर्थिक विकास संभव है। मुख्यमंत्री ने वनांचलों में लघु वनोपज, वन औषधियां और अनेक प्रकार की उद्यानिकी फसलों का हवाला देते हुए इसे बढ़ावा देने पर जोर दिया है।

बोधघाट परियोजना के लिए मांगा सहयोग
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से बोधधाट बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के लिए केंद्र से सहयोग मांगा है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है, बस्तर में इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित बोधघाट बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के क्रियान्वयन से सिंचाई एवं उर्जा क्षमता के विकास से बस्तर अंचल के बड़े भाग का काया कल्प हो जाएगा। इस परियोजना की स्थापना के लिए भी केन्द्र सरकार से सहायता अपेक्षित है।

आकांक्षी जिलों में कलेक्टर को ५०-५० करोड़ की राशि
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है, वर्तमान में आकांक्षी जिलों को केन्द्र सरकार की ओर से पृथक से कोई आर्थिक अनुदान नहीं दिया जा रहा। राज्य के बस्तर अंचल के सातों जिले आकांक्षी जिलों के रूप में चिन्हांकित है। उचित होगा कि लोगों की आजीविका के साधनों के विकास के लिए कलेक्टरों को कम से कम 50-50 करोड़ रुपए की राशि प्रतिवर्ष दी जाए।

बटालियन की तैनाती के लिए जताया आभार
मुख्यमंत्री के पत्र के बाद केंद्र सरकार ने ५ बटालियन बस्तर क्षेत्र में तैनात करने के निर्देश दिए है। इसके लिए मुख्यमंत्री आभार जताया है। वहीं बस्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए मार्च २०२१ में विशेष भर्ती रैली आयोजित करने को लेकर विचार करने पर भी संतोष व्यक्त किया है।

भाजपा १५ साल सत्ता में रहने के बाद खत्म नहीं कर पाई समस्या
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री बघेल ने माओवाद की समस्या को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा, वे १५ साल तक सत्ता में रहे, लेकिन इस समस्या को खत्म नहीं कर पाए। जैसे-जैसे इलाज करते गए मर्ज और बढ़ता गया। माओवादी की समस्या तीन ब्लॉक से निकलकर १४ जिलों में फैल गई। यह उनकी उपलब्धि है।

नक्सल को जड़ से खत्म करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

- बस्तर में लगने वाले स्टील प्लांट्स को 30 प्रतिशत डिस्काउंट पर मिले लौह अयस्क, हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर निर्मित होंगे।
- कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में सौर उर्जा संयंत्रों की स्थापना पर जोर।
- लघु वनोपज, वन औषधियां की प्रसंस्करण इकाइयों और कोल्ड चैन स्थापना के लिए उदारता से मिले अनुदान।
- आजीविका के साधन विकसित करने कलेक्टरों को फंड दिया जाए।

Bhupesh Tripathi
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