कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व चाहता है सीएए के खिलाफ छत्तीसगढ़ भी पारित करे संकल्प

केरल और पंजाब विधानसभा की तरह छत्तीसगढ़ सरकार भी विधानसभा में नागरिकत संशोधन कानून के विरोध में संकल्प पारित कराए। यह कांग्रेस का केन्द्रीय नेतृत्व चाहता है। हालांकि छत्तीसगढ़ में अभी सीएए के कानूनी विरोध पर चर्चा नहीं हुई है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, स्पष्ट निर्देश नहीं, जरूरी हुआ तो पारित कर लेंगे।

रायपुर. कांग्रेस का केंद्रीय संगठन चाहता है कि छत्तीसगढ़ सरकार भी विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में संकल्प पारित कराए। बिल्कुल वैसा ही संकल्प जैसा पिछले दिनों केरल और पंजाब विधानसभा ने पारित किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा है कि, हम राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं। यह केंद्र सरकार के लिए इस अधिनियम पर दोबारा विचार करने के लिए स्पष्ट संदेश होगा। राजस्थान में इसकी कोशिश शुरू भी हो गई है। लेकिन छत्तीसगढ़ में प्रदेश कांग्रेस और राÓय सरकार दोनों ही स्तरों पर अभी इसकी कोई चर्चा नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पत्रिका से कहा, कांग्रेस सीएए, एनपीआर और एनआरसी का शुरू से विरोध कर रही है। विधानसभा में इसके लिए संकल्प पारित करने के किसी प्रस्ताव पर अभी चर्चा नहीं हुई है। उन्हें कोई स्पष्ट निर्देश भी नहीं मिला है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, अगर संगठन को जरूरी लगता है कि तो बजट सत्र में ऐसा संकल्प पारित भी कराया जा सकता है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र फरवरी के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है।

जकांछ पहले ही कर चुकी है मांग
छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा को छोड़कर शेष सभी दल सीएए विरोधी संकल्प के लिए तैयार हैं। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने 16 जनवरी के विशेष सत्र में ऐसा संकल्प पारित करने की मांग उठाई थी, लेकिन सत्ता पक्ष ने इसको तवÓजो नहीं दिया।

Dhal Singh Desk
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