सीएम ने तो रातोरात मुख्यसचिव बदल दिया, लेकिन यहां अभी भी अजय सिंह हैं मुख्यसचिव

सुनील कुमार कुजूर ने 3 जनवरी को सुबह मुख्यसचिव का पदभार ग्रहण कर लिया है। लेकिन जनसंपर्क विभाग के लिए अजय सिंह अभी भी प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया हैं।

By: Anupam Rajvaidya

Published: 03 Jan 2019, 08:07 PM IST

अनुपम राजीव राजवैद्य / रायपुर. भूपेश सरकार ने भले ही रातोरात आईएएस अफसर अजय सिंह को हटाकर एसीएस सुनील कुमार कुजूर को छत्तीसगढ़ का मुख्यसचिव बना दिया है, लेकिन जनसंपर्क विभाग के लिए अजय सिंह अभी भी प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया हैं। जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर 3 जनवरी की देरशाम 7.30 बजे तक मुख्यसचिव के रूप में अजय सिंह का फोटो और जीवन परिचय हिंदी व अंग्रेजी में दिया गया है।

आईएएस अफसर सुनील कुमार कुजूर ने 3 जनवरी को सुबह अटलनगर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यसचिव का पदभार ग्रहण कर लिया है। सुनील कुजूर के मुख्यसचिव का पदभार ग्रहण करने के करीब 8-9 घंटे बाद तक भी जनसंपर्क विभाग ने अपनी वेबसाइट अपडेट नहीं की है।
छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यसचिव बने कुजूर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को आधीरात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए मुख्यसचिव अजय सिंह को हटाकर उनकी जगह भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1986 बैच के अफसर सुनील कुमार कुजूर को मुख्य सचिव बनाया। छत्तीसगढ़ को 18 साल में पहली बार आदिवासी मुख्य सचिव मिला है। कुजूर इससे पहले कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी एवं उद्योग विभाग के अपर मुख्यसचिव थे।
तीन आईएएस अफसरों का प्रभार बदला
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बुधवार रात आदेश जारी करके तीन आईएएस अफसरों के प्रभार में फेरबदल किया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1983 बैच के अफसर अजय सिंह को मुख्य सचिव से हटाकर बिलासपुर राजस्व मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। राजस्व मंडल अध्यक्ष के.डी.पी. राव को कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी नियुक्त किया गया। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन को अपर मुख्य सचिव वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया।
नई सरकार में सामंजस्य बिठाने में रहे असफल
प्रशासनिक गलियारों में रातोरात बड़े फेरबदल के कई मायने निकाले जा रहे हैं। बीते कई दिनों से प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा चल रही थी कि भूपेश सरकार के साथ मुख्य सचिव अजय सिंह की जम नहीं रही थी। वे नई सरकार के साथ सामंजस्य नहीं बिठा पा रहे थे। सीएम का पदभार लेने के साथ ही भूपेश बघेल ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किए। लिहाजा वे कई दिनों से बड़े स्तर पर भी बदलाव के संकेत दे रहे थे। प्रशासनिक तंत्र की लचर कार्यप्रणाली को बड़े स्तर पर अचानक फेरबदल की वजह माना जा रहा है।

 

Anupam Rajvaidya Desk
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