भाजपा सरकार में विवादों में रहे ड्रीम प्रोजेक्ट पर नई सरकार की टेढ़ी नजर, तलब की फाइल

भाजपा सरकार के समय के विवादों में घिरे रहे ड्रीम प्रोजेक्ट पर नई सरकार की टेढ़ी नजर पड़ गई है। इसके साथ ही अटल विकास नगर की पूरी योजना की जानकारी मांगी है।

By: Ashish Gupta

Updated: 03 Jan 2019, 02:52 PM IST

रायपुर. भाजपा सरकार के समय के विवादों में घिरे रहे ड्रीम प्रोजेक्ट पर नई सरकार की टेढ़ी नजर पड़ गई है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कमल विहार, सिटी सेंटर मॉल और वेदांता अस्पताल प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही अटल विकास नगर की पूरी योजना की जानकारी मांगी है। माना जा रहा है कि इन तीनों प्रकरण में सरकार जल्द ही बड़ा फैसला ले सकती है।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक ली। मंत्री ने कमल विहार योजना और सिटी सेंटर मॉल से संबंधित मामलों पर अधिकारियों से चर्चा की और इन दोनों योजनाओं के साथ-साथ अटल नगर में वेदांता अस्पताल को जमीन आवंटन प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

भाजपा के शासन में बनी कमल विहार योजना शुरू से विवादों में रही है। यह योजना सबसे पहले जमीन अधिग्रहण को लेकर चर्चा में आई थी। प्रदेश में जोनल प्लान लागू नहीं है। इसके बाद भी इस प्लान का हवाला देकर इस योजना को लागू किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद करीब 5 एकड़ जमीन को इस प्लान से हटाना भी पड़ा था।

वहीं प्लाट की कीमतों को लेकर भी विवाद रहा है। इसी प्रकार देवेन्द्र नगर स्थित सिटी सेंटर मॉल के किराए को लेकर विवाद की खबरें आती रही है। यहां के संचालन का जिम्मा नागपुर की एक कंपनी को दिया गया था। किराए विवाद की वजह से मॉल स्थित ऑफिस को भी सील किया जा चुका है। वहीं वेदांता अस्पताल ने सड्डू और नया रायपुर दोनों जगह रियायती दर पर जमीन ली थी।

हालांकि बाद में तत्कालीन मंत्रिपरिषद ने सड्डू की जमीन वापस ले ली थी। नया रायपुर की जमीन पर भी जुर्माना लगाया गया था। बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग की विशेष सचिव संगीता पी. रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एन.के. शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

समय-समय पर नदियों का पानी जांचने के निर्देश
बैठक में मंत्री अकबर ने प्रदेश की नदियों और जल स्त्रोतों की जल गुणवत्ता समय-समय पर जांच करने के निर्देश भी दिए। कवर्धा क्षेत्र की दो नदियों सकरी और हाफ के जल प्रदूषण को भी जांचने के लिए तत्काल उपाय करने को कहा गया। इसके अलावा उन्होंने अफसरों को रेत उत्खनन क्षेत्रों का नियमित दौरा करने की हिदायत दी है। साथ ही रायपुर और कोरबा शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने पर जोर दिया है।

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Ashish Gupta Desk
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