माओवादियों ने हरे सोने की वसूली करने बांट लिया जंगल

वनोपज और तेंदूपत्ता से करोड़ों रुपए जुटाने का लक्ष्य

By: Gulal Verma

Published: 23 Apr 2020, 04:42 PM IST

रायपुर। राज्य में तेंदूपत्ता की तोड़ाई और वनोपज का संग्रहण शुरू होते ही माओवादियों का दल भी सक्रिय हो गए हैं। इसके लिए एरिया कमांडर और सब एरिया कमांडर स्तर के लोगों को वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें बस्तर और गरियाबंद से लेकर राजनांदगांव के जंगलों को कई हिस्सों में बांटने की जानकारी मिली है। साथ ही प्रत्येक को १ करोड़ से लेकर ३ करोड़ तक की वसूली का लक्ष्य दिया गया है। ऑपरेशन से जुड़े अफसरों ने बताया कि फोर्स के दबाव मेंं पिछले काफी समय से बैकफुट पर चल रहे माओवादी आर्थिक रूप से कमजोर हो गए हंै। वहीं लॉकडाउन के चलते रही-सही कसर पूरी हो गई है। कोरोना वायरस के चलते उनके पास खाने तक का सामान नहीं है। संसाधनों की कमी को देखते हुए ठेकेदारों के जरिए वसूली करने की योजना बनाई है। बता दें कि फरवरी से लेकर जून तक वसूली के टारगेट को लेकर माओवादी अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं।

विलुप्त दल को किया सक्रिय
माओवादियों द्वारा गरियाबंद में उदंती दलम और जगदलपुर के दरबाघाटी दलम को वसूली के लिए सक्रिय करने की जानकारी मिली है। राज्य पुलिस को इसके इनपुट मिले हैं। बताया जाता है कि विलुप्त हो चुके इस दल को संसाधनों की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। साथ ही वसूली पर ही अपना लक्ष्य रखने की हिदायत दी गई है। बता दें कि दोनों ही क्षेत्रों से माओवादियों के पूरे दल का सफाया किया जा चुका है।

फोर्स के दबाव में माओवादी
सुरक्षाबलों की दबाव के चलते माओवादी बैकफुट पर आ गए हंै। आर्थिक संसाधनों की कमी पूरी करने के लिए वसूली की जाती है। लेकिन मंसूबा पूरा नहीं होने देंगे। इसके लिए फोर्स को सतर्क कर दिया गया है।

पी. सुंदरराज, आईजी बस्तर

Gulal Verma Desk
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