गोठानों में उगाई जाएंगी हरे चारे की नई किस्में

इंदिरा गांधी कृषि विवि ने की है विकसित

By: Gulal Verma

Published: 24 Jul 2020, 06:08 PM IST

रायपुर। प्रदेशभर के गोठानों में अब इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा विकसित हरे चारे की नई किस्में उगाई जाएंगी। विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने पशुओं के लिए चारा उत्पादन के लिए दो नवीन किस्में सी.जी. चारा बरबट्टी-1 व सी.जी. मक्का चारा-1 विकसित की हैं। ये किस्में अधिक प्रोटीन व उत्पादन देने वाली तथा चारा विशेषकृत गुणों से भरपूर हैं।
छत्तीसगढ़ में हरा चारा उत्पादन के लिए बरबट्टी की यह प्रथम किस्म है, जो 234.3 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है। यह किस्म राष्ट्रीय चेक बी.एल.-1 की तुलना में 49.44 प्रतिशत अधिक उत्पादन देती है। इसी प्रकार सी.जी. मक्का चारा-1 छत्तीसगढ़ से विकसित चारा के लिए मक्के की प्रथम किस्म है, जो 345.2 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है। यह किस्म राष्ट्रीय चेक जे-1006 की तुलना में अधिक हरा चारा का उत्पादन देती है। छत्तीसगढ़ राज्य बीज उप समिति द्वारा इन दोनों किस्मों को विभिन्न राष्ट्रीय व प्रादेशिक स्तर पर परीक्षण के बाद प्रदेश के लिए जारी की गई है। हरा चारा उत्पादन की ये दो नवीन किस्में 'नरवा-गरवा, घुरवा-बाड़ीÓ योजना के लिए सार्थक सिद्ध होगी। हरा चारा उत्पादन की दोनों किस्मों को विकसित करने में डॉ. मयूरी साहू व डॉ. संतोष सिन्हा का सक्रिय योगदान रहा।

Gulal Verma Desk
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