१३० किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी ट्रेनें, हर सेक्शन में तैयार हो रही पटरी

कोरोनाकाल में माल ढुलाई में रहा फोकस, २० करोड़ का स्क्रेप बेचने से हुई कमाई

By: Gulal Verma

Updated: 26 Aug 2020, 04:12 PM IST

रायपुर। रेल पटरी पर १३० किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेनें दौड़ाने के लिए रायपुर रेलमंडल काम कर रहा है। अफसरों की मानें तो हर सेक्शन उस लायक तैयार होगा। जून तक टारगेट तय किया है। रेल पटरी इंफ्राट्रक्चर को दुरुस्त कराने का काम सभी सेक्शन में चल रहा है। जिसके पूरा होने पर दोनों तरफ से आने-जाने वाली ट्रेनें १३० किमी की रफ्तार से चलेंगी। कोरोनाकाल में रेलवे ने इस काम को चुनौती के रूप में लिया है। इसके साथ ही माल ढुलाई से राजस्व बढ़ाने पर फोकस के साथ ही २० करोड़ ८ लाख ८५९ रुपए का स्क्रेप और जर्जर कोच बेचा है।

रायपुर रेल डिवीजन ने लॉकडाउन में वर्ष २०२०-२१ जुलाई तक ९.७१ मिलियन टन माल ढुलाई की। इससे रेलवे को ८८५.५५ करोड़ रुपए राजस्व मिला है। अफसरों का यह भी कहना है कि सबसे अधिक फोकस रेल पटरी दुरुस्त करने पर रहा। क्योंकि, इस दौरान रेल यात्री ट्रेनों का परिचालन नाममात्र का रहा। इसलिए, अब जून से रायपुर रेलमंडल क्षेत्र से सभी यात्री ट्रेनें १३० किमी प्रति घंटा की स्पीड से चलने लगेंंगी, जो अभी ७० से ८० किमी की स्पीड से चल रही हंैं। दल्लीराजहरा से अंतागढ़ तक ५९ किमी नई रेल लाइन पूरी हुई है। केवटी से अंतागढ़ तक १७ किमी नई रेल लाइन पर जल्द ही ट्रेनें चलेंगी। इससे माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास होगाा।

बीडीयू का अपनाया तरीका

रायपुर रेलमंडल के सीनियर डीसीएम डॉ. आर.़ सुदर्शन ने बताया कि कोविड-१९ के दौर में रेलवे को काफी नुकसान हुआ है। ११ सौ करोड़ राजस्व के बजाय केवल ८८५.५५ करोड़ रुपए कोरोनाकाल में मिला। इस दौरान व्यापारियों को माल सप्लाई के लिए प्रोत्साहित करते हुए बिजनेस डवलपमेंट यूनिट (बीडीयू) बनाकर माल ढुलाई का दायरा बढ़ाया। व्यापारिक संगठनों के साथ ८ बैठकें की गईं।

Gulal Verma Desk
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