निजी स्कूल और पालकों के बीच हुए विवाद से स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खुद को हटाया

कोर्ट का नाम लेकर अफसरों ने जांच करने से मना किया

By: Gulal Verma

Updated: 10 Sep 2020, 04:38 PM IST

रायपुर। सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी निजी स्कूल पालकों से शत-प्रतिशत फीस जमा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। साथ ही फीस जमा नहीं करने पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर करने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदार मामला कोर्ट में होने की बात कहते हुए पालकों व निजी स्कूल प्रबंधन के बीच फैसला कराने से बच रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मामले में एक्शन लिया जाएगा।

इस तरह की आ रही शिकायत
जिले के पालकों ने पत्रिका से चर्चा के दौरान बताया कि हाईकोर्ट ने ट्यूशन फीस लेने का निर्देश दिया है। लेकिन, निजी स्कूल ट्यूशन फीस के साथ स्पोटर््स, कंप्यूटर, लैब और लायब्रेरी की पूरी फीस मांग रहे हैं। जो पालक केवल ट्यूशन फीस जमा करने की बात कह रहे हैं, उनसे प्राचार्य स्कूल खर्च गिनाते हुए लिखित शिकायत मिलने पर मैनेजमेंट से बात करने का हवाला देते हुए अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। पालकों ने निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्टर, डायरेक्टर, मंत्री और बाल संरक्षण आयोग में की थी।

बाल संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान
पालकों की शिकायत पर बाल संरक्षण आयोग ने निजी स्कूलों के संबंध में प्रमुख सचिव से जवाब मांगा है। आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार है। फीस जमा ना करने की वजह से बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता है। उन्होंनेे प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को लिखे पत्र में कहा है कि अनिवार्य व नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के तहत बच्चों को सभी तरह का लाभ मिले। साथ ही किसी भी स्तर पर बाल अधिकारों के हनन की स्थिति निर्मित ना हो, इसके भी प्रयास किए जाएं।


मामला कोर्ट में है, इसलिए हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। पालक वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करें, उनके निर्देशानुसार मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

- जीआर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी,
रायपुर

Gulal Verma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned