कोरोना टेस्ट न कराकर लोग परिवार और समाज को जोखिम में डाल रहे

लापरवाह लोगों की वजह से जिले में संक्रमण बढऩे की संभावना

By: Gulal Verma

Published: 08 Oct 2020, 04:27 PM IST

बलौदा बाजार। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जिले में चलाए जा रहे कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान में आम जनता द्वारा स्वास्थ्य विभाग को अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से जिले में संक्रमण की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। महात्मा गांधी की जयंती दिवस 2 अक्टूबर से शुरू हुआ कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान 10 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
जिला मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. खेमराज सोनवानी ने बताया कि कोरोना लक्षण वाले व्यक्ति टेस्ट कराने से बच रहे हैं। जिससे वह अपने साथ पूरा परिवार एवं समाज को भी खतरे में डाल रहे हैं। प्रतिदन जिले के 6 विकासखण्डों में लगभग 38 हजार से अधिक घरों का सर्वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व स्वास्थ्य विभाग के टीम द्वारा किया जा है। जिसमें से प्रतिदिन लगभग 1 हजार मरीजों में कोरोना वायरस के गंभीर लक्षण दिखने वाले व्यक्ति मिल रहे हैं। इन्हें अलग से चिह्नांकित कर फोन के माध्यम से सैम्पल टेस्टिंग के लिए निर्धारित जगहों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुलाए जाते हैं तो इनमें से करीब 200 लक्षण वाले मरीज ही टेस्टिंग कराने टेस्ट सेंटर पहुंच रहे हैं। बाकी बचे वह व्यक्ति अपने साथ पूरा परिवार को भी खतरे में डाल रहे है। इसके साथ ही करीब लगभग 800 व्यक्ति कोरोना टेस्ट कराने से बच रहे हैं, जिससे टेस्टिंग की संख्या में कमी आ रही है।
कलेक्टर ने की अधिक टेस्ट कराने की अपील
ृजिले के आम नागरिकों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने व सर्वे में चिन्हांकित गंभीर लक्षण वाले व्यक्तियों द्वारा कोरोना के टेस्टिंग से बचने के चलते कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। आज उन्होंने पुन: जिलेवासियों से अपील जारी कर अधिक से अधिक टेस्टिंग कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए कोरोना टेस्टिंग जरूरी है। टेस्ट के द्वारा ही ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर कोरोना के चेन को तोड़ा जा सकता है , जिससे समाज को सुरक्षित रखा जा सकता है। समाज को सुरक्षित रखने की जवाबदारी हम सबकी है। यह लड़ाई केवल एक की नहीं है। वर्तमान में यदि हम संक्रमण को नहीं रोक पाते हैं तो इसके गंभीर परिणाम हमारे बीच ही आएंगे। इसमें सबसे अधिक घर के बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चों के स्वास्थ्य पर सर्वाधिक प्रभाव देखने को मिलेगा।

Gulal Verma Desk
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