कोरोना संक्रमण के प्रति लापरवाही पड़ सकती है भारी

मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं

By: Gulal Verma

Published: 28 Oct 2020, 04:12 PM IST

बलौदा बाजार। कोरोना संक्रमण को लेकर बीते कुछ दिनों से लोगों में फिर से लापरवाही देखी जा रही है, जिसके आने वाले दिनों में घातक परिणाम सामने आ सकते हैं। नवरात्रि तथा दशहरा त्योहार के दौरान जिला मुख्यालय समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों ने मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को पूरी तरह से दरकिनार किया है। वहीं, मौसम में बदलाव के बाद अब सर्दी-खांसी के मरीज भी सामने आने लगे हैं। चिकित्सकों ने भी शीत ऋतु के आगामी चार माह को कोरोना के लिहाज से गंभीर मानते हुए बेहद सावधानी बरतने की बात कही है तथा कोरोना संक्रमण को रोकने में आज भी मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग को ही सर्वाधिक कारगर बताया है।
विदित हो कि जिले में बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के केस की संख्या कम होते ही फिर से लोगों में लापरवाही देखी जा रही है, जो आने वाले दिनों में गंभीर साबित हो सकती है। दशहरा त्योहार लोगों की लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण रहा है। जहां सामान्यजनों ने कोरोना संक्रमण को पूरी तरह से दरकिनार कर बच्चों को भी भीड़ भरे दशहरा मैदान में ले जाने से परहेज नहीं किया है। वहीं, अब शीत ऋतु की दस्तक ने भी संक्रमण बढऩे की दस्तक दी है,जहां लोगों की जरा सी लापरवाही फिर से बड़े खतरे का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार शीत ऋतु में सर्दी, खांसी, जुकाम की शिकायत आम होती है, जिसकी वजह से कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक होता है। वहीं, त्योहारी खरीदारी के लिए बाजार, दुकानों में लोगों की भीड़, त्योहारी मेल मुलाकात के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करना, मास्क के उपयोग व खानपान में लापरवाही जिले में थमते नजर आ रहे। कोरोना केस की संख्या को फिर से बढ़ा सकते हैं। जिसके लिए आमजनों को जागरुकता दिखाने तथा सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
शीत ऋतु में सावधानी जरूरी
मौसम में हो रहे बदलाव के बाद अब शीत ऋतु ने दस्तक दे दी है तथा सुबह तथा देर रात को अब पारा गिरने लगा है। कोरोना संक्रमण में बीते पखवाड़ेभर के दौरान मरीजों में आक्सीजन लेने में कमी, लंग्स इन्फेक्शन, निमोनिया की शिकायत अधिक नजर आई है, जो शीत ऋतु में और अधिक बढ़ सकती है। इसलिए चिकित्सकों ने शीत ऋतु के आगामी नवंबर, दिसंबर, जनवरी तथा फरवरी के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बच्चों-बुजुर्गों की विशेष देखरेख की आवश्यकता
शासकीय चिकित्सक डॉ. राकेश प्रेमी ने बताया कि आने वाले शीत ऋतु में कोरोना को लेकर बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है। सर्दी तथा खांसी को सामान्य मौसमी ना मानकर तत्काल कोरोना टेस्ट कराकर इलाज कराना चाहिए। शीत ऋतु के दौरान बच्चों तथा बुजुर्गों के प्रति विशेष ध्यान रखना चाहिए। आवश्यक ना होने पर शाम के बाद घर से बाहर निकलने में परहेज करना चाहिए। यदि बाहर निकलना भी पड़े तो पूरे गर्म कपड़े पहनकर, कान, चेहरे को पूरी तरह से कवर कर ही निकलना चाहिए।
आज भी मास्क सबसे बड़ा बचाव
चिकित्सकों ने आज भी कोरोना से बचाव के लिए मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग को सबसे बड़ा हथियार तथा बचाव माना है। विशेषज्ञों के अनुसार आगामी शीत ऋतु के दौरान सामान्य सर्दी, खांसी की वजह से छिंकने से संक्रमण का खतरा और अधिक रह सकता है जिसकी वजह से मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिग ही सबसे बड़ा बचाव ह,ै जिसका सभी को अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए।

Gulal Verma Desk
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