कोरोनाकाल में पटाखा व्यवसाय प्रभावित

दुकानदारों को 50 फीसदी ही बिक्री होने की उम्मीद

By: Gulal Verma

Published: 13 Nov 2020, 04:32 PM IST

भाटापारा। कोरोनाकाल में पटाखों को लेकर बने माहौल के चलते इस साल पटाखों के रेट में आंशिक वृद्धि हुई है। पटाखे पिछले साल के दाम पर ही है। कुछ पटाखे धुआंरहित ग्रीन पटाखे होने के कारण उसमें आंशिक वृद्धि कर बेचने के लिए व्यापारियों ने तैयारी की है। इसके बाद भी ग्राहक नहीं आ रहे हैं। अब तक गांव-देहात के पटाखा विक्रेता बड़ी दुकानों से इसकी खरीदी कर लेते थे। पटाखों को लेकर जो स्थिति निर्मित हुई है उससे विक्रेताओं का कहना है इस साल 50 प्रतिशत ही धंधे की उम्मीद है।
कोरोना ने अब तक सभी त्योहारों पर अपना प्रभाव दिखाया है। इससे दीपावली भी अछूती नहीं है। शनिवार को हुई बैठक के बाद विक्रेताओं को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन धंधे की 50 प्रतिशत ही उम्मीद है। दीपावली के लिए मात्र एक ही दिन बचे हैं, लेकिन पटाखा बाजार पूरी तरह सज कर तैयार नहीं हो पाया है। स्थिति को देखते हुए इस साल अधिकांश व्यापारियों ने सीमित मात्रा में माल मंगवाया है। वहीं, नियमों की कड़ाई को देखते ग्रामीण इलाके के पटाखा विक्रेता धंधा करने से बच रहे है।
जिले में पटाखे के थोक विक्रेता नितिन चौबे के अनुसार अब तक ग्रामीण इलाके के विक्रेता 50 प्रतिशत पटाखे की खरीदी कर लेते थे, लेकिन वे भी दुकान नहीं पहुंच रहे हैं। अब तक मात्र पांच प्रतिशत ही बिक्री हुई है। इस साल दाम में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। फिर भी बिक्री कम है। अब जो स्थिति बनी है उससे 35 से 50 प्रतिशत ही धंधा होने की उम्मीद है ।
चाइना नहीं, उसकी नकल मौजूद
पिछले कुछ सालों से जिले में चाइना के पटाखे छाए हुए थे। अब इन पर पूरी तरह प्रतिबंध लग चुका है। विक्रेताओं ने बताया कि उनकी दुकानों में चाइना के कोई पटाखे नहीं है। हूबहू चाइना के नकल व उसी वैरायटी के पटाखे अब देश में बन रहे हैं, जो दुकानों में मौजूद हैं।
नो मास्क, नो पटाखा
एसडीएम ने कहा कि पटाखा दुकानों में सेनिटाइजर, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए मास्क का उपयोग करना अनिवार्य होगा। मास्क का उपयोग नहीं करने वाले ग्राहकों को पटाखा बिक्री नहीं किया जाए। पटाखा दुकानों में अग्निशमन यंत्र, पर्याप्त मात्रा में रेत, पानी से भरी बाल्टियां और दुकानों के अंदर व बाहर किसी भी प्रकार की ज्वलनशील पदार्थ जैसे आतिशबाजी की खुली पेटी, डिब्बे, पॉलीथिन आदि का जमा कर नहीं रखें।

Gulal Verma Desk
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