मृतकों के परिजन से मिले रमन सिंह सहित भाजपा नेता

भाजपाइयों ने सीएम से की न्यायिक जांच कराने की मांग

By: Gulal Verma

Published: 20 Nov 2020, 04:23 PM IST

नवापारा राजिम। समीपस्थ ग्राम केन्द्री में एक ही परिवार के पांच सदस्य ललिया बाई साहू, कमलेश साहू, प्रमिला, कीर्ति, नरेन्द्र की संदिग्ध परिस्थतियों में हुई मृत्यु के बाद सियासत गर्म हो गई है। गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल ग्राम केन्द्री पहुंचकर मृतकों के परिजनों से भेंटकर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही इस प्रकरण की न्यायिक जांच कराने की मांग भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की है।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमनसिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद सुनील सोनी, पूर्व मंत्री चन्द्रशेखर साहू समेत सभी नेताओं ने मृतक के परिवारजनों से मिलकर इस हृदय विदारक घटना के सभी पहलुओं को जानने का प्रयास किया। मृतक के परिजनों से उन कारणों को जानने की कोशिश की, जिसके तहत कमलेश शाहू को ऐसा आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।
भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष युधिष्ठिर चन्द्राकर ने बताया कि परिजनों से मिलने के बाद पता चला कि मृतक का स्मार्टकार्ड नहीं बना था। आर्थिक तंगी से भी उक्त परिवार काफी समय से संघर्षरत था। मृतक के बड़े भाई डोमार साहू ने भाजपा नेताओं को बताया कि घटना के दिन मृतक के कमरे से एक सोसाइट नोट भी बरामद हुआ था। जिसे पुलिस के अधिकारीयो ने उन्हें दिखाया। सुसाइड नोट की लिखावट उनके छोटे भाई मृतक कमलेश साहू के लिखावट से मेल नहीं खाता है। इसका विस्तृत व्यौरा पुलिस के द्वारा परिवार को नहीं दिया गया है। डोमार साहू ने बताया उनका परिवार इस घटना से स्तब्ध है और समझ नहीं पा रहा है कि ये घटना कैसे घटित हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ये घटना काफी हृदय विदारक और बड़ी है। जिसे किसी भी परिस्थिति में सामान्य या छोटी घटना नहीं माना जा सकता। जो हालात और परिस्थिति यहां पर आने से पता चला उसे देखते हुए इसकी सूक्ष्मता से जंाच किए जाने की आवश्यकता है। दुख की घड़ी में भारतीय जनता पार्टी पीडि़त परिवार के साथ है। मौत के कारण व समस्त पहलुओं को जानने और समझने की आवश्यकता है। उन्होंने पीडि़त परिवार को सहायता राशि प्रदान की।
प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि इस घटना से व्यक्तिगत रूप से वो काफी आहत हैं। पीडि़त परिवार के रिश्तेदारों से मिलने के पश्चात यह पता चला कि मृतक कमलेश साहू एक सामान्य व्यक्ति था। उसकी मानसिक हालत भी सामान्य थी तथा वह किसी भी प्रकार के नशा का सेवन नहंी करता था। पत्तनी की बीमारी को लेकर चिंतित रहता था तथा कई बार प्रयास करने के बावजूद उसका स्मार्टकार्ड नहीं बनाया गया। कमलेश साहू को आत्मघाती कदम किन हालातों में किन परिस्थतियों में उठाना पड़ा, यह जांच का विषय है। बड़े दुख की बात है कि राजधानी से लगे होने को बावजूद सरकार का कोई भी मंत्री अभी तक मृतक के परिजनों से नहीं मिला ना ही किसी प्रकार की कोई सहायता दी गई। भारतीय जनता पार्टी इस प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से करती है।
इस दौरान सांसद सुनील सोनी पूर्व मंत्री चन्द्रशेखर साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक बजाज, ग्रामीण जिला अध्यक्ष गुलाब टिकरिया, जिला महामंत्री बॉबी कश्यप, हृदय राम शाह, किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष युधिष्ठिर चन्द्राकर, प्रदेश मंत्री गौरीशकर श्रीवास, अनिल अग्रवाल, उमेश यादव, मनीष देवांगन, किशन शर्मा, अखिलेश सिंह ठाकुर, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष श्रीमती चेतना गुप्ता, खेमराज कोशले, नगर पंचायत अध्यक्ष कुदन बघेल, जनपद सदस्य पूजा बघेल, सरपंच श्रीमती अंजनी युवराज सिन्हा, साहू समाज अध्यक्ष नेतराम साहू, इन्द्र कुमार साहू, राघवेन्द्र साहू तथा अनेकों ग्रामीण उपस्थित थे।

Gulal Verma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned