राज्य स्वच्छता पुरस्कार 2020 में बलौदा बाजार-भाटापारा जिले का दबदबा

ग्राम पंचायत ओडीएफ स्थायित्व के लिए ढेबी को मिला 20 लाख रुपए सहित बेस्ट वर्किंग प्लान

By: Gulal Verma

Updated: 20 Nov 2020, 04:32 PM IST

बलौदा बाजार। विश्व शौचालय दिवस के मौके पर राज्य स्वच्छता पुरस्कार 2020 की घोषणा गुरुवार को रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने की है। इन पुरस्कारों में जिले को राज्य स्तर पर 3 श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला है। जिसमें कसडोल विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत ढेबी को ओडीएफ स्थायित्व के लिए 20 लाख का पुरस्कार मिला है। उसी तरह गांव को स्वच्छ कैसा रखा जाए, बेस्ट वर्किंग प्लान का प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपए ग्राम कटगी निवासी जगन्नाथ प्रसाद देवांगन को मिला है। माहवारी स्वच्छता प्रबंधन युक्त ग्राम पंचायत का द्वितीय पुरस्कार बलौदा बाजार विकासखण्ड के ग्राम भरसेली को प्राप्त हुआ है।
कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने पुरस्कृत ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों व ग्रामवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आप सब के सहयोग से जिले का नाम राज्य स्तर पर आया है। आप सभी स्वच्छता का ध्यान गांवों में आगे भी जारी रखें। पुरस्कार के स्वरूप में प्राप्त राशि का उपयोग योजना बना कर गांव के विकास में करें। गौरतलब है कि 2 माह पूर्व राज्य सरकार द्वारा तीसरी पार्टी के माध्यम से सर्वेक्षण कर यह पुरस्कार दिया गया है।
ओडीएफ स्थायित्व के लिए ढेबी को मिला 20 लाख रुपए
ग्राम पंचायत ढेबी को 20 लाख रुपए का पुरस्कार मिला है। यह बारनवापारा अभयारण्य के क्षेत्र में बसा छोटा सा गांव है, जहां पर आज भी बिजली नहीं है। पर यह गांव आज कई गांवों को रोशनी दिखा रहा है। सरपंच अमर ध्वज यादव ने बताया कि वर्ष 2016 से ओडीएफ हुआ है। गांव में सख्त रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह प्रतिबंधित है। गांव मे दोना पत्तल का उपयोग किया जाता है। पूरे गांव में कही भी पॉलीथिन दिखाई नहीं देता है।
माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के लिए भरसेली को मिला पुरस्कार
बलौदा बाजार विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम भरसेली आदिवासी बहुल पंचायत है। आदिवासी बहुल क्षेत्र में मासिक धर्म से सम्बंधित पारंपरिक व्यवहार में परिवर्तन लाना अत्यंत कठिन था। इस कठिनता को दूर करने के लिए गांव की मां सन्तोषी स्व सहायता महिला समूह की महिलाएं वीडियो फिल्म, लघु चित्र रात्रि चौपाल किशोर समूह के साथ घर-घर जाकर संपर्क कर प्रेरणा दिया जाता है। समूह के प्रयास से गांव पहले ही मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन युक्त ग्राम पंचायत बन चुका है। गांव में सेनिटरी पैड की पर्याप्त उपलब्धता है। गाँव में इसके उचित निपटान के लिए इंसुलेटर की स्थापना है।

Gulal Verma Desk
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