कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल जारी

किसान आंदोलन को बदनाम कर तोडऩे में लगा है भाजपा

By: Gulal Verma

Published: 16 Dec 2020, 04:06 PM IST

राजिम। केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कथित कृषि सुधार कानून के खिलाफ देशव्यापी किसान आंदोलन जारी है। एक ओर जहां पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के किसान दिल्ली सीमाओं पर डटे हुए हैं, जिन्हें सरकार दिल्ली नहीं आने दे रही है। वहीं, दूसरी ओर उन आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में छत्तीसगढ़ के किसान छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले धरना स्थल बूढ़ा तालाब रायपुर में 14 दिसम्बर से क्रमिक भूख हड़ताल जारी कर दिए हैं। क्रमिक भूख हड़ताल के दूसरे दिन अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव तथा छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही, किसान सभा के सदस्यगण ललित कुमार, हरख राम, जहुरराम, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के संयोजक विश्वजीत हारोडे भूख हड़ताल में रहे।

इस अवसर पर तेजराम विद्रोही ने कहा कि केन्द्र सरकार की कॉरपोरेट परस्त व किसान, कृषि और आम उपभोक्ता विरोधी नीतियों तथा सरकार की जुमलेबाजी को किसान समझकर सडक़ पर उतरकर, विरोध कर रहे हैं तो इसे विपक्षी पार्टियों का राजनीतिक साजिश बताकर या फिर किसानों को भ्रमित बताकर केंद्र किसानों की मुख्य चिंताओं से मुंह फेर रहा है। यहां तक कि आंदोलनकारी किसानों, किसान संगठनों को खालिस्तानी, टुकड़ेए टुकड़े गैंग, कुकुरमुत्ते की तरह उग आए किसान संगठन आदि न जाने क्या क्या नाम देकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा बदनाम कर शांतिपूर्ण किसान आंदोलन को तोडऩे का कोशिश कर रहे हैं।

Gulal Verma Desk
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