पिता व भाई को वापस लाने की ग्रामीण ने पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार

ग्राम दतान (खैरा) का मामला, मजदूर दलाल जोर-जबरदस्ती से ग्रामीणों को भेज रहे अन्य प्रदेश

By: Gulal Verma

Published: 29 Dec 2020, 04:54 PM IST

बलौदा बाजार। जिले में बीते कुछ दिनों से मजदूर दलालों के द्वारा ग्रामीण इलाकों से लोगों को जानबूझकर तथा जोर जबरदस्ती से उत्तर प्रदेश तथा अन्य इलाकों में भेजा जा रहा है। कुछ ऐसा ही मामला 24 दिसंबर को ग्राम पंचायत दतान (खैरा) निवासी नरोत्तम ध्रुव के पिता के साथ हुआ है। मजदूर दलाल (सरदार) नरोत्तम के पिता वेदराम ध्रुव को जबरदस्ती मोटर साइकिल पर बैठा कर अपहरण कर ले गए। परंतु परिजनों के द्वारा शिकायत किए जाने पर लवन चौकी में मामले की शिकायत दर्ज करने से स्पष्ट इनकार कर दिया गया। जिसके बाद परिजनों ने शनिवार 26 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक बलौदा बाजार से लिखित शिकायत की है।

ग्रामीणों पर नई मुसीबत
कोरोना संक्रमणकाल के दौरान भी जिले में मजदूर माफियाओं का आतंक इतना अधिक बढ़ चुका है कि अब वह ग्रामीण इलाकों से लोगों का अपहरण कर उन्हें उत्तर प्रदेश भेज रहे हैं। इस प्रकार की घटनाओं से भयभीत ग्रामीण एक ओर जहां अपने परिजनों की कुशलता के लिए चिंतित हैं, वही शर्मनाक पहलू यह है कि पुलिस विभाग ऐसे मामलों में एफआाईआर दर्ज करने से भी इनकार कर देता है। अप्रैल तथा मई माह में कोरोनाकाल के दौरान पलायन का दर्द झेल चुके ग्रामीण अब इस नई मुसीबत का दर्द झेलने को मजबूर हैं।

यह है मामला
पुलिस अधीक्षक बलौदा बाजार को दिए लिखित शिकायत में नरोत्तम ध्रुव तथा उसके परिजनों ने बताया कि वेदराम ध्रुव (60) पिता बलीराम ध्रुव निवासी ग्राम दतान (खैरा) ग्राम में ही रहते हैं। पास के ग्राम मुडिय़ाडीह निवासी कार्तिक पटेल बीते कई सालों से लेबर सरदार के रूप में आसपास के लोगों को लालच देकर तथा बलपूर्वक छत्तीसगढ़ से बाहर प्रदेशों में ले जाकर बंधुआ मजदूरों की तरह रोजी मजदूरी कराता है। दो-तीन माह पूर्व नरोत्तम का भाई सुखदेव उर्फ ननकी कार्तिक पटेल के ही द्वारा उत्तर प्रदेश भेजा गया था। वहां कष्ट होने पर कार्तिक अपने कुछ दोस्तों के साथ भाग गया था। परंतु, अब तक वह ग्राम वापस नहीं आया है। 24 दिसंबर को कार्तिक पटेल सुबह 10 बजे हमारे घर आया तथा उसने परिजनों को बताया कि तुम्हारे पुत्र सुखदेव उर्फ ननकी ने तुम्हारे लिए 5 हजार रुपए भेजा है। गांव के स्कूल के पास मेरी गाड़ी खड़ी है वह चलो मैं तुम्हें पैसा दे दूंगा। पुत्र की बात सुनकर नरोत्तम के पिता वेदराम ध्रुव कार्तिक के साथ स्कूल तक चले गए, परंतु वहां कार्तिक ने बलपूर्वक वेदराम को अपने साथियों के साथ मोटर साइकिल पर बैठा कर अपहरण कर ले गया। वेदराम ध्रुव के वापस ना लौटने पर जब उसके परिजनों से पड़ताल की गई तो बताया गया कि कार्तिक वेदराम तथा कुछ अन्य मजदूरों को लेकर उत्तर प्रदेश चला गया है।

परिजनों से रुपए की मांग
आवेदक नरोत्तम ध्रुव ने बताया कि कार्तिक के परिजनों से जब कार्तिक का मोबाइल नंबर लेकर उससे अपने पिता के संबंध में पूछताछ की गई तो गाली गलौज करते हुए 3 लाख 10 हजार रुपए की मांग की गई। आवेदक ने बताया कि कार्तिक ने ही उसके भाई सुखदेव उर्फ ननकी को उत्तर प्रदेश भेजा था, परंतु आज वह कहां है इसकी जानकारी भी कार्तिक नहीं दे रहा है। पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में नरोत्तम ध्रुव तथा उसके परिजनों ने सुखदेव उर्फ ननकी तथा वेदराम ध्रुव को सही सलामत सुरक्षित ग्राम पहुंचाने की मांग करते हुए कार्तिक ध्रुव के खिलाफ बंधुआ मजदूरी तथा अपहरण कराए जाने के कृत्य के लिए कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

Gulal Verma Desk
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