छग के किसान 90वें दिन भी सिंघु बार्डर पर डटे रहे

सिंघु बार्डर पर अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सदस्यों ने निकाली रैली

By: Gulal Verma

Published: 23 Feb 2021, 04:24 PM IST

नवापारा राजिम। छग के किसान अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव व छग किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही के नेतृत्व में सैकड़ों किसान सिंघु बार्डर पर पिछले 90 दिनों से डटे हुए हैं। दिल्ली की विभिन्न सीमाओं में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सदस्यगण सिंघु बार्डर में जारी तमाम विरोध प्रदर्शनों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
सिंधु बार्डर से भेजे गए वाट्सऐप मैसेज में तेजराम विद्रोही ने लिखा कि आंदोलन के 89वें दिन सिंघु बार्डर पर रैली निकाल प्रदर्शन किया। इस दौरान कॉरपोरेट परस्त किसान, कृषि और आम उपभोक्ता विरोधी काले कानून वापस लो, एमएसपी की गारण्टी कानून लागू करो, पेट्रोल डीजल की बढ़ी दामें वापस लो के नारे लगाते हुए मार्च किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय क्रंतिकारी किसान सभा झारखंड के संयोजक वशिष्ठ ने कहा कि 11वें दौर की चर्चा के बाद मोदी सरकार आंदोलनकारी किसानों के साथ चर्चा करने अब तक तैयार नहीं हुई है। बल्कि, इसके विपरीत भाजपा के मंत्रियों व कार्यकर्ताओं को गांव-गांव में भेजकर कानून की अच्छाई बताने के नाम पर किसान आंदोलन को तोडऩे हर संभव प्रयास कर रही है। जब किसान यह कानून नहीं चाहते हैं तो क्यों दबावपूर्ण लागू किया जा रहा है। इससे विश्व व्यापार संगठन और कॉरपोरेट घरानों की मोदी सरकार पर कितना भारी दबाव है यह समझ में आता है। साथ ही मोदी केवल कॉरपोरेट घरानों के ही हित साधने में ही लगा हुआ है।
अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव और छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही ने कहा कि सरकार अपने लाए हुए कानून को किसानों के हित मे बता रही है तो फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य गारण्टी कानून लागू करने में आनाकानी क्यों कर रही है। मोदीजी वास्तव में यदि किसान हितैषी है तो एमएस स्वामीनाथन आयोग के सिफारिशों के अनुरूप फसल का डेढ़ गुणा न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करे और इस पर खरीदी की गारण्टी दे। सभी राज्यों में सरकारी कृषि उपज मंडियों की व्यवस्था को सुनिश्चित करें। जब किसानों को उनके उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा तो क्यों किसान किसी व्यापारी के साथ करार खेती करेगा।

Gulal Verma Desk
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