झाड़ के नीचे जीवन यापन कर रहे कमार परिवार को मिला आसरा

प्रशासन ने 14 हजार 800 रुपए भी प्रदान किया

By: Gulal Verma

Published: 20 May 2021, 04:21 PM IST

गरियाबंद। जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर ग्राम दर्रीपारा में पन्द्रह दिनों से दो वर्ष के छोटे बच्चे को लेकर झाड़ के नीचे अपना गुजरबसर कर रहे कमार परिवार को आखिरकार रहने को मकान मिल गया। पत्रिका ने इस संबंध में प्रमुखता से समााचार प्रकाशित किया था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर द्वारा टीम गठित कर मौका मुआयना कराया गया और सही पाने पर उक्त परिवार के लिए गांव मेंं ही एक सरकारी मकान के रहने की व्यवस्था की गई। साथ ही उस परिवार को 14 हजार 800 रुपए बुधवार को प्रदान किया गया।
ज्ञात हो कि ज्ञात हो कि गरियाबंद जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर ग्राम दर्रीपारा पंचायत के अंतर्गत वर्षों से निवासरत कमार परिवार जिसमें चैतराम कमार, उसकी पत्नी समारी बाई और उनके दो वर्ष का बच्चा जिस मकान में निवास करते थे वो मकान पिछले पंद्रह दिनों पहले अज्ञात कारणों से जल गया। उसके बाद वे परिवार एक झाड़ के नीचे प्रश्रय लिए थे और झाड़ के नीचे अपना गुजर बसर कर रहे थे। जिनके पास न राशन कार्ड है न ही उनको प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ही मिला है। जिसके चलते वे बेघर होकर अपना जीवन यापन लकड़ी बेचकर कर रहे है। वहीं, जिस दिन उनका लकड़ी बिक जाता है उस दिन उनके घर में खुशियां रहती है और लकड़ी न बिकने पर भगवान भरोसे रहते हैं। इस खबर को छपने के साथ ही जिला प्रशासन ने उस परिवार के लिए पूरी व्यवस्था कर आर्थिक सहायता भी प्रदान किया है। हालांकि, कुछ जनप्रतिनिधियों के द्वारा मौके में चौका मारते हुए उस परिवार के पास पहुंचकर सहानुभूति जरूर जताया जा रहा है, लेकिन वे जनप्रतिनिधि तब कहा थे जब वे झाड़ के नीचे गुजर बसर कर रहे थे।

Gulal Verma Desk
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