जिले में सप्ताहभर से 18 प्लस वालों का वैक्सीनेशन पूरी तरह से बंद

वैक्सीन की कमी का मामला, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका से पालक चिंतित

By: Gulal Verma

Published: 28 May 2021, 04:15 PM IST

बलौदाबाजार। स्वास्थ्य विशेषज्ञों से लेकर वैज्ञानिकों तक एक ओर जहां कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के अधिक संक्रमित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। वहींं, बलौदाबाजार जिले में बीते सप्ताहभर से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को होने वाला वैक्सीनेशन पूरी तरह से बंद हो गया है। जानकारी के अनुसार जिले में वैक्सीन की कमी की वजह से यह वैक्सीनेशन बंद किया गया है। वैक्सीनेशन बंद होने से लोगों में गहरी हताशा है। वहीं, इस वैक्सीन का स्टॉक कब आएगा इसकी भी हाल फिलहाल कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। जिले में वैक्सीनेशन की धीमी गति आगामी दिनों में संक्रमण का बड़ा खतरा साबित हो सकती है।
जिले में 18 वर्ष से 44 वर्ष तक की उम्र के लोगों के लिए चालू किया गया कोरोना टीकाकरण वैक्सीन की कमी से बीते सप्ताह ाभर से बंद हो गया है। टीकाकरण प्रारंभ होने के साथ पालकों तथा 18 वर्ष से 44 वर्ष तक की उम्र के लोगों में टीकाकरण को लेकर उत्साह था तथा लोग उत्साहपूर्वक टीकाकरण करवा रहे थे। जिले में इस आयु वर्ग के 8 लाख लोग हैं जिन्हे टीकाकरण किया जाना है परंतु अब तक लगभग 28 हजार लोगों का ही टीकाकरण हो पाया है। प्रतिदिन दर्जनों लोग उत्साहपूर्वक टीकाकरण केन्द्रों तक जाकर वैक्सीनेशन के बाबत पूछताछ करते हैं तथा वैक्सीन खत्म होने का जवाब सुनकर निराश लौट जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा वैक्सीन प्रदान की जा रही है, जो वर्तमान में जिले में पर्याप्त संख्या में है तथा 18 वर्ष से 44 वर्ष तक की उम्र के लोगों के लिए राज्य शासन द्वारा वैक्सीन का इंतजाम किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 18 वर्ष से 44 वर्ष तक की उम्र के 8 लाख लोगों को वैक्सीन लगाए जाने की डिमांड पूर्व में ही राज्य शासन को भेज दी है, परंतु राज्य सरकार द्वारा अब तक जितनी वैक्सीन भेजी गई है, उसमें महज 28 हजार लोगों का ही टीकाकरण हो पाया है। जिले में पर्याप्त संख्या में वैक्सीन की आपूर्ति नहीं किए जाने की वजह से बीते सप्ताहभर से जिले में टीकाकरण बंद हो गया है।
वैक्सीन ना मिलने से युवा आक्रोशित
वैक्सीन की बाबत पड़ताल करने पहुंचे युवा सागर वर्मा, करण वर्मा, दिलीप तिवारी ने बताया कि वे दो दिनों से प्रतिदिन वैक्सीन की बाबत पूछताछ करने आ रहे हैं, परंतु वैक्सीन खत्म होने का वही रटारटाया जवाब मिल रहा है। वे जागरूक हैं तथा कोरोना संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीन लगवाना भी चाहते हैं, परंतु वैक्सीन नहीं होने से निराश हैं। ग्रामीण इलाके से पहुंचे रोहित जांगड़े, आशाराम यादव, मनीराम ध्रुव आदि ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में तो कोई वैक्सीन लगाने पहुंचा ही नहीं है, जिसके चलते वे जिला मुख्यालय आए हैं। परंतु जब यहीं वैक्सीन खत्म हो गयईहै तो ग्रामीण इलाकों तक वैक्सीन कब पहुंचेगी इसका तो भगवान ही मालिक है।
शिशुवती माताएं भी हलाकान
जिले में 18 वर्ष से 44 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण बंद होने से शिशुवती तथा स्तनपान कराने वाली महिलाएं काफी परेशान तथा चिंतित हैं। आने वाले समय में कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है। विषय विशेषज्ञ इस बात संकेत दे रहें हैं और यह तीसरी लहर छोटे बच्चों व महिलाओं को प्रभावित करेगी। तीसरी लहर में बच्चे अधिक प्रभावित ना हो व वर्तमान समय में बच्चों में संक्रमण ना फैले इसके लिए शिशुवती महिलाओं को अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराने व दूसरों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करने की अपील की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय व आईसीएमआर की नई गाइडलाइन के अनुसार अब शिशुवती, स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी टीकाकरण करा सकती हैं। छोटे बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए दूध पिलाने वाली माताएं अनिवार्य रूप से अपने नजदीकी टीकाकरण केंद्र में जाकर कोविड का टीका लगा सकती हैं। टीका लगने से छोटे बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने में काफी मदद मदद मिलेगी। विषय विशेषज्ञों व बच्चों के डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे व महिलाओं पर संक्रमण का सर्वाधिक खतरा है। ऐसे में दूध पीने वाले बच्चों के शरीर में कोरोना एंटीबॉडी निर्माण के लिए स्तपान कराने वाली महिलाओं को टीकाकरण कराना आवश्यक हो गया है। स्तनपान से माताओं के शरीर से एंटीबॉडी बच्चों की शरीर में पहुंच जाएगी जिससे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी, परंतु जिले में टीकाकरण बंद होने से 18 वर्ष से 44 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।

Gulal Verma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned