पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी से लोगों में भारी नाराजगी

कोरोनाकाल में केंद्र सरकार जनता का शोषण कर रही

By: Gulal Verma

Published: 28 May 2021, 04:22 PM IST

भाटापारा। पेट्रोल-डीजल के दाम पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे हैं। अभी तक लगभग पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में अच्छी खासी वृद्धि हो चुकी है। इससे जनता के बीच जबरदस्त आक्रोश फैला हुआ है। पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और पेट्रोल तथा डीजल के भाव में मात्र 52 पैसे प्रति लीटर का अंतर रह गया है। जबकि पहले पेट्रोल व डीजल की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर से भी अधिक का डिफरेंस रहा करता था। किंतु, आज की स्थिति में अंतर नहीं के बराबर रह गया है।
बुधवार को इस प्रतिनिधि ने एक पेट्रोल पंप में कुछ देर खड़े होकर पेट्रोल और डीजल भराने आ रही गाड़ी वालों से बात की तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस संक्रमण जैसी भयानक स्थिति के दौरान भी केंद्र की सरकार के द्वारा पेट्रोल-डीजल के दामों में जो लगातार वृद्धि की जा रही है, यह जनता का शोषण है और इससे महंगाई और अधिक बढ़ेगी। लोगों में सरकार के इस प्रकार के रवैये को लेकर जबरदस्त नाराजगी थी। बातचीत के दौरान लोगों ने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर आलोचना की। इन लोगों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम जिस प्रकार लगातार बढ़ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि केंद्र की सरकार कोरोनावायरस संक्रमण के नाम पर केवल जनता को धोखा देने में लगी हुई है। एक तरफ सरकार राहत देने की बात कर रही है तो दूसरी तरफ पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर जनता की जेबें काटने में लगी हुई है।
पेट्रोल पंप पर आए रामकुमार, सुरेश यादव, अंशुल अग्रवाल, दिनेश शर्मा, पवन, आशीष ने अपना गुस्सा जमकर केंद्र सरकार पर उतारा। उन लोगों का कहना यह भी था कि पूरे देश में इन दिनों डीजल और पेट्रोल की खपत पहले से कम हुई है, क्योंकि गाडिय़ां ही कम चल रही हंै तो डीजल पेट्रोल कहां से खपत होगा। इसके बावजूद सरकार प्रतिदिन चुपके-चुपके दर बढ़ाने में लगी हुई है, जो आम जनता के साथ पूरी तरह से अन्याय है। ट्रैक्टर में डीजल भरवाने आए किसान फिरतू राम ने कहा कि सरकार के समझ में यह नहीं आता है कि डीजल के दामों में वृद्धि होने से इसकी मार किसानों पर भी और आम जनता पर भी पड़ेगी। इससे महंगाई बढ़ेगी। यहां यह बता दें कि पहले कई बार डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ते रहे हैं और घटते भी रहे हैं। किंतु, इस प्रकार का गुस्सा लोगों के मन में पहले कम ही देखने को मिला था, जो बुधवार को देखने को मिला।

पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग बराबर
बुधवार को पेट्रोल और डीजल के दाम करीब करीब बराबरी पर पहुंच गए हैं, जबकि हमेशा पेट्रोल से डीजल चार से छह रुपए लीटर कम ही रहता था, किंतु बुधवार को पेट्रोल और डीजल के भाव में केवल पैसों का ही अंतर रह गया है। दोनों के भाव में 52 पैसे प्रति लीटर का ही अंतर रह गया जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इसके पूर्व पेट्रोल और डीजल के दाम कभी भी इतने ऊंचे नहीं पहुंचे थे।

भाव
पेट्रोल 92 रुपए 31 पैसा प्रति लीटर
डीजल 91 रुपए 79 पैसा प्रति लीटर


गाड़ी भाड़ा बढ़ा
पेट्रोल के साथ-साथ डीजल के दामों में भी वृद्धि होने से गाड़ी भाड़े में भी वृद्धि हो गई है। शहर से लगे छोटे-छोटे गांव में छोटी-छोटी डीजल गाडिय़ों में जो सामान भरकर जाता रहा है। उन गाडिय़ों के भाड़े भी बढ़ गए हैं। वहीं, बाहर से आने वाली सभी गाडिय़ों और बाहर जाने वाली सभी बड़ी गाडिय़ों के भाड़ों में भी वृद्धि हो गई है, इससे महंगाई पर असर दिखने लगा है।

बॉक्स
पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करे सरकार
पेट्रोल-डीजल के उपभोक्ताओं की मांग है कि सरकार पेट्रोल और डीजल को भी अन्य वस्तुओं की तरह जीएसटी में शामिल करें। किंतु सरकार अपने फायदे के चलते पेट्रोल और डीजल को जीएसटी से मुक्त रखी हुई है, जो कि देश की जनता के साथ अन्याय है।


लॉकडाउन के चलते पेट्रोल व डीजल की बिक्री काफी घट गई है। चार-पांच सौ लीटर बड़ी मुश्किल से पेट्रोल और डीजल की बिक्री हो पाती है। रेट बढऩे का भी असर पड़ता दिख रहा है।
- सुदीप शुक्ला,
संचालक, राधेश्याम फ्यूल्स भाटापारा

Gulal Verma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned