मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले को दी 357 करोड़ 23 लाख रुपए की सौगात

516 विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

By: Gulal Verma

Published: 11 Jun 2021, 03:51 PM IST

गरियाबंद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को जिले में 357 करोड़ 23 लाख रूपये लागत के 516 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से किया। इन कार्यो में 176 करोड़ 94 लाख रुपए लागत के 211 विकास कार्यों का लोकार्पण व 180 करोड़ 29 लाख रुपए के 305 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। रायपुर निवास कार्यालय में कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक निर्माण, गृह, जेल धार्मिक न्यास एवं धर्मस्वए पर्यटन मंत्री व गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मो. अकबर, शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा मौजूद थे। गरियाबंद के ऑक्सन हॉल में आयोजित इस वर्चुअल कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि महासमुन्द लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुन्नीलाल साहू, विधायक राजिम विधानसभा क्षेत्र अमितेश शुक्ल, जिला पंचायत अध्यक्ष स्मृति ठाकुर व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गरियाबंद अब्दुल गफ्फार मेमन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम, फिंगेश्वर जनपद अध्यक्ष पुष्पा साहू व भावसिंह साहू मौजूद थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के मुहिम को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। जिसका नतीजा यह है कि राज्य में पिछले 3 दिन में 1265 करोड़ रुपए का लोकार्पण और भूमि पूजन किया गया है। उन्होंने राज्य की जनता को बधाई देते हुए कहा कि सरकार लोगों के उम्मीदों के अनुरूप कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में भी जन सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है। सुराजी गांव योजना के तहत श्री बघेल ने कहा कि नरवा, गरवा, बाड़ी और गोठानों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की पहल की गई है। उन्होंने बताया कि गरियाबंद में 121 गोठान का कार्य पूर्ण हो चुका है।
बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के गांव में कुपोषण को रोकने, रोजगार बढ़ाने, महिला सशक्तीकरण, कम्युनिटी फार्मिंग और विभिन्न आयजनित गतिविधियों को इस योजना के माध्यम से भी किया जा रहा है। इससे महिलाओं में एक आत्मविश्वास दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में भी उत्पादन का कार्य जारी रहा। बघेल ने यह भी कहा कि पहले नमक और तेल का भी खर्च निकलना मुश्किल था, लेकिन अब 52 प्रकार के वनोपज को समर्थन मूल्य के दायरे में लाया गया है। महिला समूह वनोपज का प्रसंस्करण कर रही है, सीताफल का आइसक्रीम बना रही है और काजू का भी मूल्य संवर्धन किया जा रहा है जो कि सराहनीय है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा 4000 रुपए कर दिया गया है। अब वंचित लोगों को वन पट्टा दिया जा रहा है और वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में कई योजनाओं के माध्यम से विकास ने गति पकड़ी है। बघेल ने मुख्यमंत्री पौधरोपण योजना को भी किसानों के आमदनी में इजाफा करने वाला योजना बताया। उन्होंने कहा कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचे इसलिए एंबुलेंस क्लीनिक, हाट बाजार योजना लागू किया गया। बघेल ने इस अवसर पर जिले की जनता को बधाई दी है।
जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित किया गया है। उनके कुशल निर्देश पर गंभीरता से कार्य किया गया, जिससे स्थिति सामान्य होने लगी है। उन्होंने गरियाबंद जिला अस्पताल भवन के लिए राशि तथा शासकीय नर्सिंग कॉलेज की आवश्यकता और कोटरी नाला जलाशय के जीर्णोद्धार के लिए मुख्यमंत्री से राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया।

Gulal Verma Desk
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