नशे में धुत ड्राइवर ने अस्पताल पहुंचाने के एवज में मांगा पैसे

बाइक और पिकअप की टक्कर में घायल को पहुंचाना था अस्पताल

By: Gulal Verma

Published: 11 Jun 2021, 03:57 PM IST

राजिम। बुधवार की रात्रि 8रू.45 बजे महासमुंद राजकीय सडक़ मार्ग पर शहर से कुछ ही दूर में बाइक और पिकअप में जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई तथा दो घायल हो गए, जिसे 108 के माध्यम से सामुदायिक स्वस्थ केंद्र राजिम लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने तत्काल रायपुर ले जाने सुझाव दिया गया, तब एंबुलेंस चालक से बात की गई। ड्राइवर उपस्थित जरूर हुआ, लेकिन शराब के नशे में चूर था। उन्होंने इतनी ज्यादा पी रखी थी की कुछ का कुछ बड़बड़ा रहा था। परिजनों ने बात की तब उन्होंने अनाप-शनाप कहना शुरू कर दिया और अस्पताल पहुंचाने के एवज में पैसे मांगने लगा। इससे परिजन विचलित हो गए, उन्हें जितनी जल्दी हो सकें घायल को अस्पताल पहुंचाना था ताकि शीघ्र ट्रीटमेंट चालू हो। परंतु ड्राइवर की लापरवाही के चलते समय खराब होता जा रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही तत्काल घटना स्थल पर उपस्थित जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू ने मामला को संज्ञान में लिया और उन्होंने हॉस्पिटल पहुंचकर दूसरा एंबुलेंस के लिए बात की। तब कुछ देर में गाड़ी आ गई और घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। इस बात से व्यथित जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू ने तुरंत थाना प्रभारी विकास बघेल को एक आवेदन प्रेषित कर डॉक्टरी मुलाहिजा कराने कहा। इसके बाद ड्राइवर राजेश साहू का चेकअप किया गया तो रिपोर्ट में शराब सेवन बताया गया। इस पर बीएमओ पी कुदेशिया को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। उन्होंने शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
सबसे बड़ी प्रश्न यह है कि घटना होने के बाद तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है, लेकिन ड्राइवरों द्वारा ऑन ड्यूटी के अंतर्गत शराब सेवन करना कहां तक उचित है। पहले भी इस प्रकार की लापरवाही इनके द्वारा किया गया है, जिससे क्षेत्रवासी परेशान हैं। यदि इसी तरह से एंबुलेंस ड्राइवर जिन पर क्षेत्र के मरीजों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है, वही लापरवाही बरते तो तत्काल स्वास्थ्य सुविधा कैसे मिलेगी।
जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू ने बताया कि प्रशासन ने मरीजों की सुविधाओं के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की है। इसके लिए उन्होंने मोटी रकम खर्च की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुविधाएं मिलती रहे। परंतु कुछ ओछी मानसिकता के चलते इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। अर्थात प्रदेश सरकार की लगाम कर्मचारियों पर नहीं है उन्हें खुला छोड़ दिया है तथा पीने के लिए ड्यूटी में भी छूट दे रखी है, जिनका खमियाजा भोली-भाली जनता के ऊपर कहर बनकर फूट रही है। ऐसे ड्राइवरों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग लोगों ने की है।

Gulal Verma Desk
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