धान उठाने समितियों को तीन दिन का अल्टीमेटम, वर्ना होगी सख्त कार्रवाई

जिले की समितियों में अब भी बचा है 2400 मीट्रिक टन धान, बारिश में बार-बार भीग रहा है धान

By: Gulal Verma

Published: 03 Jul 2021, 09:45 AM IST

बलौदाबाजार। बीते वर्ष खरीफ सीजन में जिले के किसानों से खरीदी किया गया धान का उठाव अब तक पूरी तरह नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से बीते कई माह से खुले में रखा हुआ धान बारिश में बार-बार भीग रहा है। जिले के विभिन्न धान उपार्जन केन्द्रों में अभी भी लगभग 2400 मीट्रिक टन धान का उठाव नहीं हो पाया है। समितियों को बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद उनके द्वारा इस कार्य में रुचि नहीं दिखाई जा रही है, जिस पर कलेक्टर ने राज्य शासन के इस महत्वपूर्ण प्राथमिकता के इस काम में उदासीनता बरते जाने पर समितियों के प्रति गहरी नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने अफसरों की बैठक लेकर अगले तीन दिवस के भीतर समितियों से धान का उठाव अनिवार्य रूप से किए जाने के सख्त निर्देश दिए हैं अन्यथा समिति प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी किए जाने की योजना के तहत बीते वर्ष जिले के किसानों से खरीदी किए गए धान का पूर्ण उठाव आज तक नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार उपार्जन केन्द्रों से संग्रहण केन्द्र तक धान के उठाव कराने की पूरी जिम्मेदारी जिला विपणन अधिकारी कार्यालय की होती है, परंतु इस संबंध में लगातार लापरवाही बरते जाने की वजह से आज तक समितियों से धान का पूर्ण उठाव नहीं हो पाया है, जिसका परिणाम है कि जिले के धान उपार्जन केन्द्र पौंसरी, सिमगा, देवरी, नगेड़ी, सोनाखान, कोसमंदा, धनसीर, कोसमंदी, ढेकुना, पिसिद, पिरदा, तुलसी, दामाखेड़ा, दावनबोड़, रोहांसी, खम्हरिया, बार सोसायटी में अब भी काफी मात्रा में धान का उठाव किया जाना बचा हुआ है। इन समितियों में 24 सौ मीट्रिक टन से अधिक धान है, जो बरसात में बार-बार भीगकर प्रभावित हो रहा है। धान के उठाव में की जा रही लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताते हुए अगले तीन दिनों में धान उठाव कराने का निर्देश दिया है।
तीन दिनों में धान का उठाव कराकर बताना होगा
उप पंजीयक सहकारिता तीन दिनों के बाद इन समितियों के बारे में उठाव के संबंध में जांच प्रतिवेदन जिला प्रशासन को सौंपेंगे। इसके अलावा अन्य समितियों को भी तीन दिवस के भीतर मिलर डीओए क्रेता व टीओ में उठाव पूर्ण कर लेने कहा गया है, अन्यथा उठाव के लिए शेष समिति पर भी कार्रवाई की जाएगी। कम मात्रा में शेष धान अगर टीओ में हो तो समिति जल्द परिवहन करें जिसका भुगतान किया जाएगा। मिलरों को भी डीओ में शेष धान का उठाव तीन दिवस में करना होगा, अन्यथा उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। क्रेता को भी पूर्व में उठाव के लिए निर्देशित किया जा चुका है। उनके द्वारा उठाव नहीं किए जाने पर राशि राजसात के लिए प्रस्ताव विपणन संघ मुख्यालय रायपुर को अनुशंसित की जाएगी। समितियों को निर्देश के बावजूद भी धान समाप्त होने पर स्टाक समाप्ति की घोषणा नहीं की जा रही है। धान समाप्त होने पर समिति में स्टाक समाप्ति घोषणा दो दिवस में किया जाना अनिवार्य है।

Gulal Verma Desk
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