बलौदाबाजार जिले में कोरोना संक्रमण से नहीं थम रही मौत

पांच दिनों से जिले में वैक्सीनेशन पूरी तरह से बंद

By: Gulal Verma

Updated: 12 Jul 2021, 03:40 PM IST

बलौदाबाजार। जिले में शनिवार तक कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस घटकर महज 74 रह गए हैं, जो बेहद राहत की बात है। परंतु, जुलाई के बीते दस दिनों में ही चार लोगों की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हुई है, जो गंभीर स्थिति का इशारा है। जिले में कोरोना संक्रमण की वजह से होने वाली मौत थम नहीं पाई है। उस पर विशेषज्ञों ने तीसरी लहर की चेतावनी भी दी है। जिले में बीते चार पांच दिनों से वैक्सीनेशन पूरी तरह से बंद हो चुका है। वहीं, कोरोना गाइडलाइन को लेकर जिला प्रशासन की दी गई ढील का मनमाने तरीके से फिर से दुरुपयोग होने लगा है, जिसके चलते आने वाले दिन जिलेवासियों के लिए फिर से भारी साबित हो सकते हैं।
लॉकडाउन में ढील दिेए जाने के बाद कोरोना संक्रमण को लेकर सामान्यजनों द्वारा की जा रही लापरवाही जिले में फिर से आने वाले दिनों में भारी तूफान का दस्तक नजर आ रहा है। जिला प्रशासन ने जरा सी ढील क्या दी है ,90 फीसदी लोगों द्वारा मास्क का उपयोग ही पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बाजार से लेकर दुकानों, वैवाहिक कार्यक्रमों से लेकर राजनीतिक कार्यक्रमों तक कहीं पर भी कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बताए गए नियमों का ना तो कहीं पालन हो रहा है और ना ही जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं, जिसकी वजह से कोरोना संक्रमण को फिर से फैसले का पर्याप्त अवसर मिल रहा है। चिंता की बात यह है कि जिले में बीते चार-पांच दिनों से वैक्सीन के अभाव में टीकाकरण पूरी तरह से बंद है, जिसके चलते टीकाकरण को मिली रफ्तार फिर से शून्य हो गई है। जिले के लिए चिंता की बात है कि जून 2020 को नगर में कोरोना की दस्तक हुई थी, जिसके बाद जून से लेकर 30 मार्च 2021 यानी नौ माह के दौरान जिले में संक्रमण की वजह से 168 लोगों की मौत हुई थी, परंतु दूसरी लहर का परिणाम रहा कि महज दो माह अप्रैल तथा मई में ही बीते नौ माह से लगभग दोगुने लोगों की संक्रमण की वजह से 322 लोगों की मौत हो चुकी है।
भारी दहशत दिखाई है कोरोना ने
जिले में अप्रैल तथा मई में कोरोना का सर्वाधिक भयानक रूप नजर आया है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 मार्च तक जिले में एक्टिव केस की संख्या महज 411 थी तथा कोरोना संक्रमण की वजह से होने वाली मौत 168 थी, परंतु 30 अप्रैल तक जिले में एक्टिव केस की संख्या बढक़र 7999 पहुंच चुकी थी। वहीं, कोरोना संक्रमण की वजह से होने वाली मौत भी बढक़र 281 हो चुकी थी। अप्रैल तथा मई माह में जिले में हाहाकार मचाने के बाद कोरोना से जीतने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी थी, जिसका असर रहा कि 30 मई तक जिले में एक्टिव केस की संख्या घटकर 1904 पहुंच चुकी थी। परंतु कोरोना संक्रमण की वजह से होने वाली मौत बढक़र 490 पहुंच चुकी थी। वहीं, 30 जून तक जिले में एक्टिव केस की संख्या महज 126 हो चुकी है तथा कोरोना संक्रमण की वजह से होने वाली मौत 513 हो गई है।
जुलाई के दस दिनों में चार मौतें
जिले में कोरोना संक्रमण थमता नजर आ रहा है, परंतु संक्रमण की वजह से होने वाली मौतों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चिंतित कर रखा है। जिले में 1 जुलाई, 4 जुलाई, 9 जुलाई तथा 10 जुलाई को एक-एक यानी दस दिनों में ही चार लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हो चुकी है। जिले में जिला प्रशासन के लगातार निर्देशों के बाद भी टीकाकरण को लेकर लोगों में जागरुकता का अभाव है। जिले में एक ओर जहां टीकाकरण बंद है, वहीं दूसरी ओर संक्रमण की वजह से होने वाली मौत खतरे की घंटी है।

Gulal Verma Desk
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