श्रीरायपुर सीमेंट संयंत्र में हुए हादसे के तीन दिन बाद भी पुलिस ने दर्ज नहीं की एफआईआर

जिला पंचायत अध्यक्ष ने दी उग्र आंदोलन करने की चेतावनी

By: Gulal Verma

Published: 30 Jul 2021, 04:08 PM IST

बलौदाबाजार। जिला मुख्यालय से सुहेला मार्ग परस्थित श्रीरायपुर सीमेंट संयंत्र में सोमवार 26 जुलाई की रात हुए हादसे के बाद अब मामले में राजनीति गर्माने लगी है। सामान्य दुर्घटना के बाद पुलिस विभाग द्वारा तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी जाती है, परंतु सीमेंट संयंत्र में हादसे के तीन दिन बाद तक संबंधित प्रकरण में अब तक पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार की प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जिसे लेकर सर्व आदिवासी समाज के साथ ही साथ जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश वर्मा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। गुरुवार को न्यू सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा में राकेश वर्मा ने शुक्रवार सायं तक संयंत्र प्रबंधन तथा संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज ना होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
पत्रकारों से चर्चा में जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश वर्मा ने कहा कि 26 जुलाई को हुई दुर्घटना के बाद वे रात्रि 10 बजे संयंत्र पहुंच चुके थे तथा संयंत्र प्रबंधन तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों से चर्चा की थी जिसमें संयंत्र प्रबंधन द्वारा सेफ्टी सीलिंग के टूटने को हादसे की वजह बताया गया था। परंतु, सवाल यह है कि यह सीलिंग कैसे टूटी यह संयंत्र की ओर से बड़ी लापरवाही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के अधिकारियों से इस दुर्घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज करने की बात की थी, परंतु आज तक इस दुर्घटना की एफआईआर दर्ज ना होना पुलिस विभाग की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाता है।
संयंत्र द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे के संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि संयंत्र द्वारा मृतक परिवार को 17 लाख 50 हजार रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाने की बात कही गई है, परंतु वास्तव में क्या मुआवजा मृतक परिवारों को मिला इसे संयंत्र को स्पष्ट करना चाहिए। राकेश वर्मा ने संयंत्र में कार्यरत सभी मजदूरों की पूरी जानकारी, मृतक परिवारों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा, मृतक मजदूरों के पीएफ.ईएसआईसी की पूरी जानकारी के साथ ही साथ संयंत्र प्रबंधन तथा संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध शुक्रवार सायं तक एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ उपस्थित छग सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष दौलत सिंह कुंजाम ने भी मृतक श्रमिकों के परिवार को 50-50 लाख मुआवजे के साथ ही साथ घायल मजदूरों को भी उचित मुआवजा तथा मृतक परिवार के एक सदस्य को संयंत्र में स्थायी नौकरी दिए जाने की मांग की।
अध्यक्ष ने संयंत्र पर गंभीर आरोप लगाए
जिला पंचायत अध्यक्ष ने संयंत्र पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शासन के नियमानुसार 6 टन के सामान को उससे अधिक वजनी सीलिंग यानी 8-10 टन की सीलिंग से बांधा जाना चाहिए, परंतु दुर्घटना के दिन 6 टन वजनी सामान महज 6 टन की सीलिंग से ही बांधा गया था जो घोर लापरवाही है। इसी प्रकार स्पष्ट नियम है कि रात्रि में सामान को लिफ्ट किया जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। बावजूद इसके यह किया गया जो दुर्घटना की वजह बना है। उन्होंने कहा कि जिस क्रेन से सीलिंग बंधी थी, वह संयंत्र की थी तथा उसका चालक (ऑपरेटर) भी संयंत्र का था। लिहाजा नियमत: पहले क्रेन को जब्त कर संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए।
छिपाया गया हैमामले को
जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश वर्मा ने बताया कि दुर्घटना के दूसरे दिन वे निजी चिकित्सालय में घायल श्रमिकों से मिलने गए थे, जहां श्रमिकों ने बताया था कि दुर्घटना के समय मौके पर 40-50 श्रमिक कार्य कर रहे थे जिसे संयंत्र द्वारा छिपाया गया है। इसी प्रकार दुर्घटना के बाद ग्रामीणों द्वारा उग्र आक्रोश व्यक्त किया गया था तथा इस दौरान ग्रामीणों का पुलिस विभाग से भी विवाद हुआ था। इस बात को भी छिपाया गया था। उन्होंने संयंत्र पर वास्तविक तथ्य छिपाने के भी आरोप लगाए।
यह है पूरा मामला
गौरतलब हो कि 26 जुलाई की रात्रि लगभग 9 बजे बलौदा बाजार-सुहेला मार्ग पर स्थित श्रीरायपुर सीमेंट संयंत्र के निर्माणाधीन तीसरी इकाई के दौरान ब्लैंडिंग सायलो में टावर क्रेन के द्वारा मैटेरियल लिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान मेटेरियल के टावर क्रेन से छूट जाने के कारण ब्लैंडिंग सायलो के नीचे कार्यरत 8-10 संविदा श्रमिक उसकी चपेट में आ गए जिसमें 2 संविदा श्रमिकों बृजेश नागवंशी निवासी बलरामपुर रामानुजगंज छत्तीसगढ़ तथा रामचंद्र राम निवासी गढ़वा झारखंड की मृत्यु हो गई। वहीं, हादसे में विष्णु देव पासवान निवासी गढ़वा झारखंड, तपेश्वर सिंह निवासी सरगुजा छत्तीसगढ़, दिनेश नागवंशी निवासी बलरामपुर छत्तीसगढ़, संतोष पासवान निवासी गढ़वा झारखंड घायल हुए हैं।

Gulal Verma Desk
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