गणेश उत्सव व विसर्जन की गाइडलाइन जारी, गणेश प्रतिमा की ऊंचाई महज 4 फीट तक होगी

दर्शन करने आया व्यक्ति संक्रिमत हुआ तो आयोजक कराएंगे इलाज, सीसीटीवी अनिवार्य, बैंडबाजा बैन

By: Gulal Verma

Published: 30 Jul 2021, 04:16 PM IST

बलौदाबाजार/भाटापारा। कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने गुरुवार को गणेशोत्सव संबंधित विस्तृत दिशा निर्देश जारी किया है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए गणेशोत्सव बीते वर्ष जैसा ही होगा। 10 सितंबर से शुरू हो रहे 10 दिवसीय गणेशोत्सव के लिए 26 बिंदुओं की सख्त गाइडलाइन जारी कर दी गई है। मूर्ति की ऊंचाई व चौड़ाई 4/4 फीट से अधिक न हो। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15/15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 5 हजार वर्ग फीट की खुली जगह हो। पंडाल व सामने 5 हजार वर्गफीट की खुली जगह में कोई भी सडक़ अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। मंडप/पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिए पृथक से पंडाल न हो।
पंडाल में 20 से ज्यादा लोग नहीं होंगे
किसी भी एक समय में मंडप व सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी, जिसमें दर्शन के लिए आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पता मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी लगाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोराना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा। ऐसा पाए जाने पर संबंधित एवं समिति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मास्क, सेनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी
मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेनिजाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आक्सीमीटर, हेंडवाश व क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। थर्मल स्क्रिीनिंग में बुखार पाए जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाए जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी। यदि कोई व्यक्ति जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है, तो इलाज का संपूर्ण खर्च मूर्ति स्थापना करने वाला व्यक्ति अथवा समिति द्वारा किया जाएगा।
कंटेनमेंट जोन बनने पर खत्म करनी होगी पूजा
कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थाना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथावा विसर्जन के बाद किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के के बाद किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी।
भंडारा, प्रसाद वितरण, भजन-जगराता पर रोक
मूर्ति स्थापना व विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य व पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए 4 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे व वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए नगरपालिका परिषद, नगर पंचायत व संबंधित तहसील कार्यालय द्वारा निर्धारित रूट मार्ग, तिथि व समय का पालन करना होगा। विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।

Gulal Verma Desk
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