वर्मी खाद के लिए पैकिंग बोरी बना रही है महिला समूह

बोरी निर्माण से ही समूह को पौने दो लाख रुपए की आमदनी

By: Gulal Verma

Published: 07 Sep 2021, 04:36 PM IST

गरियाबंद। गोधन न्याय योजना लोगों के जीवन में आमदनी का सशक्त माध्यम बन गया है। एक तरफ गोबर की बिक्री से पशुपालकों को आय हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर गोठान में कार्य कर रही महिला समूहों को आय के नए स्रोत मिल रहे हैं। महिला समूह वर्मी खाद बनाने के साथ ही अब वर्मी खाद पैकिंग के लिए बोरी का भी निर्माण कर रही है। इससे उन्हें लगभग पौने दो लाख रुपए का शुद्ध लाभ हो चुका है।
कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर व सीईओ संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में विकासखंड फिंगेश्वर अन्तर्गत आदर्श गोठान ग्राम जेंजरा में संलग्न राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान निर्मित समूह जय मां तुलसी महिला स्व.सहायता समूह के सदस्यों द्वारा बोरी निर्माण का कार्य किया जा रहा है। अब तक उनके द्वारा 59 हजार बोरी का निर्माण कर विक्रय किया जा चुका है। बिहान समूह के सदस्यों के द्वारा योजना के शुरुआत से ही निरन्तर उच्च गुणवत्ता की वर्मीखाद का उत्पादन किया जा रहा है। साथ ही विकासखंड फिंगेश्वर के बिहान योजना अमले की सहायता से वर्मी कम्पोस्ट खाद की पैकिंग में उपयोग होने वाली बोरी का निर्माण कर आजीविका का शुरुआत किया गया है। बिहान द्वारा आदर्श गोठानों में अधिक से अधिक आजीविका के साधन सृजित करने पर जोर दिया गया ताकि स्थानीय स्तर पर नियमित आमदनी का जरिया निर्मित हो सके।
समूह के सदस्यों ने बताया कि बोरी का निर्माण कर बाजार दर से कम व उचित कीमत पर गोधन न्याय योजना में उपयोग में लाए जाने वाले बोरी की छपाई कर गरियाबंद जिले के समस्त विकासखंडों में विक्रय किया जा रहा है। वर्तमान में समूह द्वारा कुल 59 हजार से अधिक बोरियों का छपाई कर 8 लाख 26 हजार रुपए का विक्रय किया गया है। जिसमें समूह को 1 लाख 77 हजार रुपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा समूह सदस्यों के द्वारा गोठानों को मल्टीएक्टिवीटी सेन्टर बनाने के तर्ज पर चरागाह की जमीन पर जैविक सब्जी उत्पादन की आजीविका भी की जा रही है। समूह सदस्यों के द्वारा मूंगफल्ली, मक्का, मंूग आदि का भी उत्पादन किया जा रहा है।

Gulal Verma Desk
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