CG Polls: वोट उसी को जो प्रदेश के छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों के इन उम्मीदों पर उतरेगा खरा

CG Polls: वोट उसी को जो प्रदेश के छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों के इन उम्मीदों पर उतरेगा खरा

Chandu Nirmalkar | Publish: Oct, 13 2018 07:36:46 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 08:16:52 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

वोट उसी को जो प्रदेश के छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों के इन उम्मीदों पर उतरेगा खरा

अजय रघुवंशी@रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में जो भी सरकार बने इससे व्यापार जगत को काफी उम्मीदें बंधी हुई है। जीएसटी लागू होने के बाद भी व्यापार जगत की कई मांगें है, जो कि पूरी नहीं हो सकी है। चुनाव के पहले राष्ट्रीय व्यापारी संगठन कैट और छग चैंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रमुख राजनीतिक दलों से हेल्दी बिजनेस के लिए कई सुझाव सौंपा है, ताकि प्रदेश में छोटे, मध्यम, लघु, कुटीर उद्योग, भारी उद्योग से लेकर कोर और नॉन कोर सेक्टर को नया जीवन मिल सके। कुल मिलाकर छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों की यही मानना है जो पार्टी व्यापार जगत की उम्मीदों पर खरा उतरेगा उसे ही वोट दिया जाएगा।

 

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कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)

  • ऑनलाइन व्यापार पर रोक के लिए राज्य की विशेष पॉलिसी। ई-कॉमर्स नीति।
  • शहर के भीतर सरकारी जगह पर कामर्शियल कॉम्पलेक्स के स्थान पर पार्किंग के लिए जगह बनानी चाहिए।
  • शहर के 5 किमी. के भीतर जो भी दायरा है, इसमें 500 से 1000 फीट के गाले (उद्योग सेक्टर) बनाकर दिया जाना चाहिए, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
  • जीएसटी लागू होने के बाद भी अभी भी प्रदेश में कई प्रकार के शुल्क और टैक्स आरोपित है, जिसमें मंडी टैक्स, निकाय टैक्स सहित पेट्रोल-डीजल पर वैट, सेस आदि शामिल हैं। इन्हें जीएसटी में शामिल करना चाहिए।
  • एक बेहतर व्यापार नीति की आवश्यकता है, प्राकृतिक आपदा पर व्यापारियों द्वारा अदा किए गए टैक्स की राशि से राहत मिले।
  • हर जिले में शहर से बाहर डूमरतराई थोक बाजार की तर्ज पर होलसेल मार्केट बनाना चाहिए, ताकि थोक व्यापार की बढ़ोतरी के साथ शहर को भी जाम (ट्रैफिक) से राहत मिल सके।

 

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चैंबर ऑफ कॉमर्स

  • जीएसटी को प्रथम बिन्दु पर लगाने हेतु अनुशंसा की जानी चाहिये ताकि छोटे एवं मध्यम व्यवसायी अनावश्यक कागजी कार्यवाही से बच सके।
  • प्रदेश में व्यापार कल्याण बोर्ड का गठन किया जाय ताकि व्यवसायी अपनी उचित मांगों को बोर्ड के माध्यम से सरकार को अवगत करा सके ।
  • प्रदेश में कृषि आधारित राईस मिल उद्योग संकट की दौर से गुजर रहा है, विद्युत दरों में कमी की जानी चाहिये।
  • आयकरदाता व्यापारियों को वृद्धावस्था में पेंशन मिलनी चाहिये ताकि वे अधिक से अधिक कर भुगतान हेतु प्रेरित हो सके, ई-कॉमर्स नीति।
  • राज्य में मजबूत अधोसंरचना, सड़कों का जाल, उद्योगों को लीज होल्ड के स्थान पर फ्री होल्ड
  • प्रदेश में प्रादेशिक उद्योगों के उत्पादन के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु सुगम एवं उपयुक्त पालिसी बननी चाहिए।

राज्य में अधोसंरचना का विकास हो रहा है। व्यापार करने के लिए अच्छा माहौल भी है। कई नीतिगत विषयों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि इसके परिणाम दूरगामी मिल सके। अभी हाल ही में ऑनलाइन बिजनेस में ठोस नीति की मांग को लेकर कैट ने देशभर में अभियान चलाया।
अमर परवानी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (छत्तीसगढ़)

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चैंबर ऑफ कॉमर्स ने अपनी मांग-पत्र सरकार को सौंप दी है। इनमें व्यापारी हित के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए कई सुझाव पेश किए गए हैं। अभी भी कई सेक्टर में व्यापारियों को राहत नहीं मिली है।
अमर धावना, चेयरमेन, छग चैंबर ऑफ कॉमस

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