टिकट का संग्राम : कैबिनेट के इन दो मंत्रियों के बीच 24 सीटों पर होगा अहम का टकराव

टिकट का संग्राम : कैबिनेट के इन दो मंत्रियों के बीच 24 सीटों पर होगा अहम का टकराव

Deepak Sahu | Publish: Sep, 11 2018 02:07:37 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

मंत्री अग्रवाल की अपने प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ महात्वाकाक्षांओं का उभार कभी-कभी सामने आता है

बिलासपुर. संभाग की 24 सीटों में से 9 सीट अविभाजित बिलासपुर (मुंगेली जिला मिलाकर) जिले में है। पूरे संभाग से प्रदेश कैबिनेट में दो ही मंत्री हैं, जिनमें बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल और मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले शामिल हैं। दोनों की टिकट पक्का है। हालांकि मंत्री अग्रवाल की अपने प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ महात्वाकाक्षांओं का उभार कभी-कभी सामने आता है। जांजगीर-चांपा की सभी छह विधानसभाओं में चुनाव लडऩे के इच्छुक नेता अपनी दावेदारी करने लगे हैं।

वहीं कांग्रेस में बिलासपुर, कोटा, बेलतरा, लोरमी, तखतपुर, बिल्हा जैसी सीटों पर प्रत्याशी तय करना आसान नहीं दिख रहा।

कौशिक से रहा है अमर का टशन
पिछले कार्यकाल में कौशिक के विधानसभा अध्यक्ष रहने के दौर से मंत्री अग्रवाल से खींचतान रही है। विधानसभा अध्यक्ष रहने के दौरान अक्सर धरम को शहर के कार्यक्रमों में तवज्जो मिलती थी। संगठन में भी उनकी पूछ परख थी और वे सीएम के करीबी भी माने जाते हैं। दोनों की ही कोशिश रही है कि संगठन के ज्यादा से ज्यादा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनके समर्थक रहें। तखतपुर क्षेत्र में खुलेआम तो कोई खींचतान नहीं है, लेकिन इस बार राज्य महिला आयोग अध्यक्ष हर्षिता पांडेय की दावेदारी से विधायक राजू क्षत्री असहज स्थिति में हैं।

कांग्रेस में हर सीट पर खींचतान : बिलासपुर व मुंगेली मिलाकर कांग्रेस दावेदारों की संख्या 264 है। इनमें से बिलासपुर में ही 49 दावेदार है। बिलासपुर क्षेत्र के प्रमुख दावेदार, अटल श्रीवास्तव व अशोक अग्रवाल के बीच कार्यक्रमों में खुलेआम बहस और भिड़ंत होती रही है। कोटा में इस बार कांग्रेस से रेणु जोगी की जगह शैलेष पांडेय का नाम सामने आ रहा है।

चंद्रपुर विधान से भाजपा के विधायक ब्रेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह जूदेव का नाम फाइनल होगा कि नहीं यह तय नहीं हो पा रहा है, इसलिए वे अपनी पत्नी को टिकट दिलाने का प्रयास कर हैं। ओपी चौधरी के भाजपा प्रवेश के बाद खरसिया विधानसभा सीट पर प्रदेशभर की नजर टिकी हुई है।
यहां से चौधरी के चुनाव लडऩे की प्रबल संभावना है। वहीं वर्तमान विधायक उमेश पटेल के सामने अपनी सीट बचाने के साथ ही बढ़त बनाए रखने की चुनौती है, जबकि भाजपा के लिए जीत का अर्थ कांग्रेस से उसकी परंपरागत सीट को छीनना है।

कोरबा में भाजपा के दो नेताओं में शीतयुद्ध
कोरबा में खुले तौर पर कहीं कोई झगड़ा या विरोध किसी पार्टी में नहीं है, लेकिन भाजपा के दो नेताओं के बीच चलने वाला शीतयुद्ध चर्चा का विषय बना हुआ है। कटघोरा विधायक व संसदीय सचिव लखन लाल देवांगन और राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष ज्योतिनंद दुबे के बीच टिकट को लेकर घमासान है। हालांकि प्रत्यक्ष तौर पर दोनों की नेता कुछ भी कहने से बचते हैं।

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