विधानसभा चुनाव 2018: किसानों और उद्योगों के बीच ठहरी हुई है धरसीवां की सियासत

विधानसभा चुनाव 2018: किसानों और उद्योगों के बीच ठहरी हुई है धरसीवां की सियासत

Ashish Gupta | Publish: Sep, 08 2018 12:32:21 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले के सबसे पुराने विधानसभा क्षेत्रों में शुमार धरसीवां कभी कांग्रेस का गढ़ रहा है। लेकिन 1984 के बाद यहां भाजपा सेंध लगाने में कामयाब रही।

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले के सबसे पुराने विधानसभा क्षेत्रों में शुमार धरसीवां कभी कांग्रेस का गढ़ रहा है। लेकिन 1984 के बाद यहां भाजपा सेंध लगाने में कामयाब रही। राज्य गठन के बाद हुए तीन चुनाव में भाजपा के देवजी भाई पटेल विजयी होते आ रहे हैं। जीत का अंतर कम जरूर हुआ है। कुर्मी, साहू, सतनामी समाजों की बहुलता वाले इस क्षेत्र की अधिकतर आबादी खेतिहर है।

रायपुर का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र भी धरसीवां विधानसभा का हिस्सा है। ऐसे में क्षेत्र की सियासत भी औद्योगीकरण और किसानों के मुददों के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है। इस बार भाजपा से देवजी भाई के अलावा गुलाब टिकरिहा और डोगेंद्र नायक टिकट के दावेदार हैं। हालांकि देवजी भाई का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।

कांग्रेस से पिछला चुनाव नजदीकी मुकाबले में हारीं अनिता शर्मा, उधोराम वर्मा, दुआराम वर्मा, चंद्रशेखर शुक्ला ने टिकट मांगा है। चर्चा है कि कांग्रेस यहां से राज्यसभा सांसद छाया वर्मा को भी मैदान में उतार सकती है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने पूर्व मंत्री विधान मिश्रा को यहां से टिकट दिया है, जबकि आम आदमी पार्टी ने संतोष दुबे को यहां से टिकट दिया है। बसपा में भी इस सीट को लेकर कई नेता सक्रिय हैं।

पिछले चुनाव में ऐसा था हाल
पिछले चुनाव में धरसीवां का फैसला बेहद कम मतों के अंतर से हुआ था। दो बार के विधायक देवजी भाई पटेल को कांग्रेस की अनिता शर्मा ने कड़ी टक्कर दी। देवजी भाई यह चुनाव महज 2390 मतों से जीत पाए थे।

किन वजहों से टिकट की उम्मीद
देवजी भाई भाजपा के स्वाभाविक दावेदार हैं। वहीं कांग्रेस की अनिता शर्मा पिछले बार मामूली वोटों से हारी हैं, उनको अपने काम पर भरोसा है। छाया वर्मा का नाम पिछड़ा वर्ग, खासकर कुर्मी समाज के वोटरों को एकजुट करने के नाम पर चल रहा है। विधान मिश्रा यहां पुराने समीकरणों के आधार पर संघर्ष कर रहे हैं।

चुनाव में गर्म रहेंगे यह मुददे
औद्योगिक क्षेत्र का प्रदूषण, राख, स्थानीय लोगों का रोजगार और पेंड्रावन जलाशय को सिमेंट कंपनी को देने का मसला यहां काफी गर्म है। लोगों की शिकायत है कि उनके क्षेत्र में उद्योग होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को उनमें काम
नहीं मिलता।

मुख्य प्रवक्ता कांग्रेस सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस - तीन बार के भाजपा प्रत्याशी स्थानीय समस्याओं पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिए हैं। विकास कार्य अवरुद्घ हैं। स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलता। कांग्रेस इन मुददों को लेकर चुनाव में उतरेगी। उसके परिणाम भी आएंगे।

मुख्य प्रवक्ता भाजपा संजय श्रीवास्तव ने कहा कि विधायक देवजी भाई अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। 15 वर्षों में धरसींवा क्षेत्र में करोड़ों के विकास कार्य हुए हैं। वहां के किसानों की हालत में काफी सुधार आया है। पिछले चुनाव में जीत का अंतर थोड़ा कम हुआ था, लेकिन इस बार यह अंतर बढ़ेगा।

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