शिक्षाकर्मियों को लगा बड़ा झटका, नियमों में बदलाव से अब नहीं होगी अवकाश की पात्रता

शिक्षाकर्मियों को लगा बड़ा झटका, नियमों में बदलाव से अब नहीं होगी अवकाश की पात्रता
शिक्षाकर्मियों को लगा बड़ा झटका, नियमों में बदलाव से अब नहीं होगी अवकाश की पात्रता

Chandu Nirmalkar | Updated: 20 Sep 2019, 09:39:36 PM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा अवकाश नियम 2010 (CG ShikshaKarmi) राज्य शासन (Chhattisgarh govt) के नियमित कर्मचारी के लिए लागू है

रायपुर. प्रदेश में कार्यरत शिक्षाकर्मियों (Chhattisgarh Shikshakarmi) को संतान पालन अवकाश की पात्रता नहीं होगी। इसे लेकर पंचायत विभाग के उप सचिव जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने प्रदेश के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र जारी किया है। इसके पीछे की वजह उन्होंने वित्त विभाग के अभिमत को बताया है, जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा अवकाश नियम 2010 (CG ShikshaKarmi) राज्य शासन (Chhattisgarh govt) के नियमित कर्मचारी के लिए लागू है। जबकि पंचायत विभाग में कार्यरत शिक्षाकर्मी राज्य शासन के अंतर्गत नहीं आते हैं।

इस आदेश से शिक्षाकर्मियों में एक बार फिर नाराजगी बढ़ गई है। हालांकि शिक्षाकर्मियों को संतान पालन अवकाश का संविलियन के बाद मिल सकता है। दरअसल, संतान पालन अवकाश के तहत महिला शासकीय सेवक को सम्पूर्ण सेवाकाल में दो ज्येष्ठ संतानों की देखभाल के लिए अधिकतम 730 दिन के संतान पालन अवकाश का प्रावधान स्वीकृत किया गया है।

यानी शिक्षाकर्मियों को स्कूल शिक्षा विभाग (Chhattisgarh education department) में संविलियन हो जाता है, तो उन्हें इस अवकाश की पात्रता हो जाएगी, लेकिन शिक्षाकर्मियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि यदि अभी किसी महिला शिक्षाकर्मी की संतान हुई है, तो उन्हें तत्काल राहत नहीं मिल सकती। हालांकि वर्तमान में महिला शिक्षाकर्मी की संतान होने पर उन्हें 90 दिन का चाइल्ड केयर लीव का फायदा मिलेगा।

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