छत्तीसगढ़ विधानसभा: छह दिन के सत्र में 30 घंटे हुआ काम

: छह दिन के सत्र में 30 घंटे हुआ काम
- विधानसभा के शीतकालीन सत्र का समापन
- फरवरी के दूसरे सप्ताह में बजट के लिए जुटेंगे विधायक

By: Mithilesh Mishra

Published: 03 Dec 2019, 01:19 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार शाम को खत्म हो गया। नगरीय निकाय चुनावों की वजह से 6 दिसम्बर तक प्रस्तावित सत्र को चार दिन पहले ही समेट लिया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बताया, इन छह दिनों के सत्र में करीब 30 घंटे चर्चा हुई है।

विधायकों ने कुल 1472 प्रश्न पूछे थे, जिनमें से 40 प्रश्नों को प्रश्नकाल में उठाया जा सका। उनपर पूरक प्रश्न हुए। ध्यानाकर्षण की 260 सूचनाओं में 74 को मंजूरी मिली। 61 को शून्यकाल की सूचनाओं में बदल दिया गया। स्थगन की 63 सूचनाएं आईं, जिनमें से एक विषय पर 16 सूचनाओं को मंजूर कर चर्चा कराई गई। इस सत्र में सरकार ने 8 विधेयक पारित कराए। इसमें अनुपूरक वित्तीय बजट भी शामिल है।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया, विधानसभा का बजट सत्र फरवरी महीने के अंतिम सप्ताह में आहूत होने की संभावना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह और बसपा विधायक दल के नेता केशव चंद्रा ने सत्र को उपलब्धिपूर्ण माना।

तीन विधेयकों को सदन की मंजूरी
पंचायत राज संशोधन विधेयक:

इसके जरिए पंचायत राज संस्थाओं में नि:शक्त व्यक्तियों को मनोनीत करने का प्रावधान हुआ। पंच और सरपंच पद का चुनाव लडऩे के लिए पांचवी और आठवीं पास की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, पुरानी व्यवस्था से अजीब स्थिति पैदा हो गई थी। जो मतदाता प्रधानमंत्री चुन सकता है वह पंच नहीं बन सकता। भाजपा के अजय चंद्राकर ने इसे प्रतिगामी विधेयक बताया।
छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक:

इस विधेयक के जरिए कांग्रेस के दिवंगत प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल के नाम पर रायगढ़ में एक विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। इस विश्वविद्यालय की अधिकारिता रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों के महाविद्यालयों पर होगी। यह अटल विहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के क्षेत्रों को अलग कर बनेगा। विपक्ष ने बिना आपत्ति इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित होने दिया।
महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय विधेयक:

इसके जरिए महात्मा गांधी के नाम पर दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में एक उद्यानिकी-वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। अभी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से संबद्घ राजनांदगांव और जगदलपुर के उद्यानिकी महाविद्यालय इससे जुड़ जाएंगे। यह विश्वविद्यालय प्रदेश भर में उद्यानिकी और कृषि वानिकी में अध्ययन, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के प्रचार का काम करेगा। यह विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ।

लोरमी में खुलेगा कृषि महाविद्यालय
लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह की मांग पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने बठा गांव में एक कृषि महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। इसका प्रावधान बजट सत्र में आएगा। धर्मजीत सिंह ने बताया, वहां मनियारी नदी और खुडिया डैम के बीच 150 एकड़ सरकारी जमीन है, जहां महाविद्यालय खुल सकता है।

Mithilesh Mishra Desk
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