नसा ले कुहरत हे समाज

नसा करे हे वोला वोकर खमियाजा भोगे बर परे हे

By: Gulal Verma

Published: 10 Jan 2019, 06:35 PM IST

जे न भुइंया के बढ़ई दुनियाभर म होत हे आज उही पबरित भुइंया के लइका ले लेके सियान तक नसा म फंसे हें। नसा करई हमर सभियता अउ संंस्करीति के पहिचान नोहय। हमर पहिचान तो नसा करइया ल नसा ले बचाय के हे। समाज म नसा अगर नइ छूटिस त अवइया पीढ़ी ल का सिखाबो। सरकार ह तंबाकू वाले गुटका पाउच म परतिबंध लगाय हे, फेर मनखे वोकर उपाय निकाल के नसा ल नइ छोड़त हे।
इतिहास गवाह हे के जेन नसा करे हे वोला वोकर खमियाजा भोगे बर परे हे। पुरान म कथा आथे के कुबेर के बेटा नलकुबेर अउ मनिगिरिव जमुना म दारू पीके नहात रहिस। नारदजी ह वोमन ल देखिस त तुरते सराफ दे दिस। दूनोंझन यमलारजुन रूख बन गे। हमन ल जान लेय बर चाही के दारू सागर मंथन ले निकले हे अउ राक्छसमन वोला अपनाय हे। कहे के मतलब आज जेन नसा म फंसे हे वोकर कुल का होही समझ जाव! हमर पुरखामन ए गोठ ल बार-बार निकाले हे 'जेन करही नसा, वोकर भाग होही कस्साÓ। नसा के सेती घर, परिवार, समाज बिगड़त जावत हे।

Gulal Verma Desk
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